हिमाचल: धर्मशाला में बनेगी एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन, पीपीपी मोड पर स्थापित करेगी सरकार; बढ़ेगा एडवेंचर टूरिज्म
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में एशिया की सबसे लंबी 4.3 किलोमीटर जिपलाइन को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। 7.41 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी मोड प ...और पढ़ें

धर्मशाला में एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन बनेगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
धर्मशाला में बनेगी एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन।
4.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन, लागत 7.41 करोड़ रुपये।
पीपीपी मोड पर बनेगी, साहसिक पर्यटन को बढ़ावा।
राज्य ब्यूरो, शिमला। देश-विदेश से हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए जिपलाइन एक आर्कषण का केंद्र होगी। धर्मशाला के नड्डी में यह जिपलाइन बनाई जाएगी। 7.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इसका निर्माण होगा। यह जिप लाइन 4.3 किलोमीटर लंबी होगी। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसको मंजूरी दे दी गई है। यह एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन होगी।
धर्मशाला में आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र यह परियोजना आने वाले दिनों में बनेगी। सरकार पीपीपी मोड (पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप) के तहत इसका निर्माण करवाएगी।
हिमाचल में देश-विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से जिपलाइन महत्वपूर्ण कदम है। पिछले काफी समय से इसका प्रारूप तैयार किया गया था। कुछ औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण इसे मंजूरी नहीं दी गई थी। पर्यटन सीजन के दौरान अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में सैलानी हिमाचल प्रदेश का रुख करते हैं।
साहसिक गतिविधियों में विस्तार
प्रदेश अपनी साहसिक गतिविधियों के लिए खासा प्रसिद्ध है। मैदानी इलाकों में गर्मी से परेशान होकर सैलानी ठंडे पहाड़ों की ओर आते हैं। हिमाचल में रिवर राफ्टिंग, जिप लाइन, पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग और हाइकिंग आदि जैसे कई एडवेंचर एक्टिविटी करवाई जाती हैं, जो सैलानियों को अपनी ओर खींचती हैं।
धर्मशाला को दिया है पर्यटन राजधानी का दर्जा
प्रदेश सरकार ने धर्मशाला को पर्यटन राजधानी का दर्जा भी दे रखा है। सालभर देश-विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। यहां पर तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा का निवास स्थान भी है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी है। यहां पर रोपवे भी बनाया गया है। इसके अलावा अन्य रोमांचक गतिविधियां भी विकसित की जा रही हैं। यहां पर पहले भी एक जिपलाइन बनी हुई है।
यह होती है जिपलाइनिंग
जिपलाइन एक केबल के माध्यम से ढलान की गिरावट का उपयोग करके की जाती है, जो अंत की तुलना में अपेक्षाकृत उच्च बिंदु से शुरू होती है। घर्षण को एक चरखी के साथ कम किया जाता है, जिससे जिप लाइनर थोड़ी तेज गति से नीचे की ओर बढ़ते हैं।