'हिमाचल में सरकार नहीं सिंडिकेट चल रहा', भाजपा का बड़ा हमला; कहा- CM के नाम जुड़ गए 5 खिताब
भाजपा ने सुक्खू सरकार पर कर्ज बढ़ाने, चुनावी वादे पूरे न करने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने दावा किया कि ...और पढ़ें

शिमला में पत्रकार वार्ता करते भाजपा प्रवक्ता राजिंद्र राणा व अन्य।
HighLights
भाजपा ने सुक्खू सरकार पर कर्ज बढ़ाने का आरोप लगाया।
राजेंद्र राणा ने कहा, हिमाचल में सिंडिकेट चला रहा राज।
सीएम सुक्खू को दिए गए पांच अलग-अलग 'खिताब'।
जागरण संवाददाता, शिमला। भाजपा ने सुक्खू सरकार पर बड़ा हमला बोला है। शिमला में भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने सरकार पर कर्ज बढ़ाने, चुनावी वादे पूरे नहीं करने, राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुक्खू को पांच अलग-अलग ‘खिताब’ दिए और दावा किया कि प्रदेश में सरकार की बजाय एक सिंडिकेट काम कर रहा है। कर्ज के आंकड़े गिनाते हुए राणा ने ओपीएस, महिलाओं को 1500 रुपये, एचआरटीसी और आपदा राहत के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा है।
सीएम के नाम जुड़ गए 5 खिताब
भाजपा प्रवक्ता राजेंद्र राणा ने पत्रकार वार्ता के दौरान सीएम सुक्खू पर तंज कसते हुए कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री के नाम पांच अलग-अलग खिताब जुड़ गए हैं। राणा ने कहा कि इनमें उत्तर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री, अपने कार्यकाल में सबसे ज्यादा कर्ज लेने, मित्रों की सरकार सबसे ज्यादा झूठे वादे करने और राजनीतिक विरोधियों पर मुकदमे दर्ज कराने जैसे खिताब शामिल हैं।
सिंडिकेट ने मचाई लूट
राणा ने आरोप लगाया कि हिमाचल में सरकार नहीं बल्कि एक सिंडिकेट चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह सिंडिकेट लंबे समय से सक्रिय है और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने बड़ी संख्या में ओएसडी, मीडिया सलाहकारों और समन्वयकों की नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे प्रदेश के सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
कर्ज का बना दिया रिकॉर्ड
कर्ज के मुद्दे पर राजेंद्र राणा ने सरकार को घेरते हुए दावा किया कि वर्ष 1971 से 2022 तक प्रदेश की विभिन्न सरकारों ने करीब 68 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जबकि मौजूदा सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में ही लगभग 44 हजार 600 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार हर साल करीब 12 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले रही है।
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संपत्तियां बेच रही सरकार
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सरकार लाभ देने वाली सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने हाल में हुए पंचायत चुनावों के परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता सरकार के कामकाज का जवाब देना शुरू कर चुकी है और आने वाले चुनावों में इसका असर और ज्यादा स्पष्ट दिखाई देगा, कांग्रेस की चार सीटें भी नहीं आएगी।