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    अस्पताल पहुंचे मरीज का उसी दिन होगा MRI और सीटी स्कैन, CM सुक्खू ने चमियाणा में 3-टेस्ला मशीन का शुभारंभ किया

    By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 11 Jul 2026 03:52 PM (IST)

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने चमियाणा में 3-टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया, जिससे मरीजों को उसी दिन एमआरआई, सीटी स्कैन और अन्य जांच की सुवि ...और पढ़ें

    शिमला के चमियाणा अस्पताल में टेस्ला एमआरआई मशीन के शुभारंभ के दौरान सीएम सुक्खू।

    शिमला के चमियाणा अस्पताल में टेस्ला एमआरआई मशीन के शुभारंभ के दौरान सीएम सुक्खू।

    HighLights

    1. मरीजों को अस्पताल पहुंचने पर उसी दिन जांच सुविधा।

    2. चमियाणा में अत्याधुनिक 3-टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ।

    3. मेडिकल कॉलेजों में 125 करोड़ की ऑटोमेशन लैब स्थापित होंगी।

    जागरण संवाददाता, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित बड़ा बदलाव कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि मरीज जिस दिन अस्पताल पहुंचे, उसी दिन उसका एमआरआई, सीटी स्कैन और जरूरी जांच हो जाए। सीएम ने चमियाणा में थ्री टेस्ला मशीन के शुभारंभ के के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब स्थापित की जा रही हैं, ताकि जांच रिपोर्ट जल्दी और अधिक सटीक मिल सके। इसमें कुछ भी हाथ से नहीं होगा, पूरी तरह से मशीन से काम होंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में विश्वस्तरीय 3 टेस्ला एआई आधारित एमआरआई मशीनें लगाई जा चुकी हैं। आइजीएमसी, चामियाना, टांडा, मंडी और हमीरपुर में नई मशीनों से मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं। प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत भी हो चुकी है और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों को और आधुनिक बनाया जा रहा है।

    125 करोड़ की ऑटोमेशन लैब

    ऑटोमेशन लैब स्थापित करने पर करीब 125 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन लैब में अधिकांश जांचें बिना मानवीय हस्तक्षेप के होंगी, जिससे रिपोर्ट अधिक सटीक आएगी और मरीजों का इंतजार भी कम होगा। आने वाले पांच वर्षों में हिमाचल का सरकारी स्वास्थ्य तंत्र तकनीक के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। 

    सरकार गरीब मरीजों को कम लागत पर विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध करा रही है। निजी अस्पतालों में लाखों रुपये की रोबोटिक सर्जरी सरकारी अस्पतालों में भारी सब्सिडी के साथ कराई जा रही है।

    हिमाचल से बाहर नहीं जाना पड़ेगा

    शनिवार को मुख्यमंत्री ने अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान चमियाणा शिमला में थ्री-टेस्ला एमआरआई मशीन का शुभारंभ किया। इस सुविधा के शुरू होने से प्रदेश के मरीजों को अब गंभीर बीमारियों की सटीक जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं या राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह मशीन सामान्य 1.5 टेस्ला मशीन की तुलना में काफी अधिक प्रभावी है। इससे मस्तिष्क, रीढ़, हृदय और नसों की बेहद स्पष्ट परिणाम मिलते हैं। आधुनिक तकनीक के कारण इसमें स्कैनिंग की प्रक्रिया काफी तेजी से पूरी होगी और मरीजों को लाभ होगा।

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    निजी अस्पतालों में 5 लाख रुपये तक में होने वाली इस रोबोटिक सर्जरी को प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में भारी सब्सिडी के साथ मात्र 50,000 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसमें सरकार प्रति ऑपरेशन 65,000 की सब्सिडी दे रही है।

    आपदा प्रबंधन को लेकर अगले सप्ताह होगी बैठक

    प्रदेश में मौसम के मिजाज और हाल ही में हुई भारी बरसात को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भारी बारिश के कारण जान-माल का काफी नुकसान हुआ है, विशेषकर किन्नौर , कुल्लू जिले और अन्य संवेदनशील इलाकों में बड़े पैमाने पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं। नुकसान की गंभीरता को देखते हुए सीएम सुक्खू ने मुख्य सचिव को सभी जिला उपायुक्तों के साथ निरंतर संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। जमीनी स्थिति की समीक्षा करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अगले हफ्ते डिजास्टर मैनेजमेंट पर एक बड़ी बैठक भी बुलाई जाएगी।

    वहीं पर्यटकों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों का हिमाचल प्रदेश और शिमला में स्वागत है, वे यहां आएं और खूबसूरत मौसम का पूरा लुत्फ उठाएं। हालांकि  सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने सभी पर्यटकों को सचेत करते हुए कहा कि वे नदी-नालों के किनारे जाने से पूरी तरह परहेज करें और सावधानी बरतते हुए अपनी यात्रा का आनंद लें।

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