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    सावधान! फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से हो रही ठगी, UPI रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही खाते से कटे 30 हजार; बरतें ये 4 सावधानी

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 31 Jan 2026 12:12 PM (IST)

    हिमाचल में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहाँ लोग गूगल पर दिख रहे फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए ठगी का शिकार हो रहे हैं। बैंकिंग, मोबाइल, ...और पढ़ें

    फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से साइबर ठगी हो रही है। प्रतीकात्मक फोटो

    फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से साइबर ठगी हो रही है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबरों से बढ़ रही ठगी।

    2. ठग ओटीपी, यूपीआई रिक्वेस्ट से पैसे निकालते हैं।

    3. हमेशा आधिकारिक वेबसाइट उपयोग करें; ठगी पर 1930 पर शिकायत करें।

    जागरण संवाददाता, शिमला। डिजिटल सेवाओं का जिस तेजी से इस्तेमाल बढ़ रहा है, उसी तेजी के साथ अब साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। सतर्कता ही आपको साइबर ठगी से बचा सकती है। हिमाचल में भी लोग गूगल सर्च पर दिख रहे फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए ठगी का शिकार हो रहे हैं।

    बैंकिंग सेवाएं, मोबाइल नेटवर्क, बिजली-पानी के बिल, गैस कनेक्शन, ई-कामर्स और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी शिकायतों के नाम पर साइबर ठग भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबरों का जाल है, इससे सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    साइबर विशेषज्ञों के अनुसार ठग गूगल पर ऐसे फर्जी नंबर अपलोड कर देते हैं जो देखने में किसी नामी कंपनी या सरकारी विभाग के कस्टमर केयर नंबर जैसे लगते हैं। जब उपभोक्ता समस्या के समाधान के लिए इन नंबरों पर काल करता है तो ठग खुद को संबंधित कंपनी या विभाग का अधिकारी बताकर भरोसा जीत लेते हैं।

    इसके बाद ओटीपी मांगना, यूपीआइ के जरिए रिफंड या सत्यापन के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाना या स्क्रीन शेयर करवाने जैसे हथकंडे अपनाए जाते हैं।

    यहां से आए ठगी के मामले

    हिमाचल पुलिस के अनुसार कुछ समय में शिमला, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन और ऊना जिले से ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इनमें पढ़े-लिखे लोग भी ठगी का शिकार हुए हैं। कई मामलों में पीड़ित को तब तक भनक नहीं लगती, जब तक उसके बैंक खाते से पैसे निकलने का संदेश नहीं आ जाता। 

    • केस स्टडी एक

    बिजली की समस्या नहीं सुलझी पर खाते से निकल गए 62 हजार

    शिमला के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी को बिजली बिल से जुड़ी समस्या थी। उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च किया और वहां दिख रहे नंबर पर काल कर दिया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने खुद को बिजली बोर्ड का कर्मचारी बताया और बिल अपडेट के नाम पर ओटीपी मांग लिया। ओटीपी साझा करते ही उनके खाते से 62 हजार रुपये निकल गए।

    • केस स्टडी दो

    यूपीआइ की रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही खाते से कट गए 30 हजार

    सोलन जिले की एक महिला ने आनलाइन शापिंग साइट से रिफंड के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा। सामने वाले ने यूपीआइ पर एक रिक्वेस्ट भेजी और कहा कि इसे स्वीकार करते ही रिफंड मिल जाएगा। महिला ने जैसे ही रिक्वेस्ट स्वीकार की, खाते से 30 हजार रुपये कट गए।

    असली कस्टमर केयर कभी ओटीपी नहीं मांगता, न ही यूपीआइ से पैसे भेजने या स्क्रीन शेयर करने को कहता है। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर काल करें या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं।
    रोहित मालपानी, डीआइजी साइबर क्राइम।

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    इन बातों का रखें ध्यान

    • गूगल पर दिख रहे हर नंबर पर भरोसा न करें।
    • अनजान काल पर निजी जानकारी साझा न करें।
    • किसी भी संदिग्ध स्थिति में 1930 पर संपर्क करें।
    • संबंधित कंपनी या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर दिए नंबर पर ही संपर्क करें।

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