यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal News: हिमाचल सरकार की बड़ी पहल, हर सरकारी विभाग में बनेगा E-चार्जिंग स्टेशन; अब प्रदेश में इतनी हुई संख्या
हिमाचल प्रदेश सरकार (Himachal Pradesh Government) ने बड़ी पहल शुरू की है। प्रदेश के हर सरकारी विभाग में ई चार्जिंग स्टेशन (E-Charging Station) की स् ...और पढ़ें

HighLights
- हिमाचल प्रदेश में अभी तक 23 चार्जिंग स्टेशन
- प्रदेश सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर भी कर रही तैयार
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल में ई वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार एक और बड़ी पहल करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के हर सरकारी विभाग में एक ई चार्जिंग स्टेशन बनाया जाएगा।
विभाग ने इसके लिए निविदाएं मांगी है। विभाग का दावा है कि एक महीने के भीतर कंपनियों को चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम दे दिया जाएगा। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों में भी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
हिमाचल में बनाए गए 23 ई चार्जिंग स्टेशन
ई-टैक्सी की सेवाएं लेने वाले प्रत्येक विभाग या संस्थान को अपने वाहनों की चार्जिंग सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रिक चार्जर स्थापित करने की शर्त सरकार ने लगाई थी। यदि किसी विभाग में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए आधारभूत ढांचा नहीं है तो इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के साथ समझौता किया जा सकता है। हिमाचल में अभी तक 23 ई चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
ई वाहनों का बढ़ रहा बेड़ा
हिमाचल में ई वाहनों का बेड़ा बढ़ रहा है। ऐसे में सरकार इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। प्रदेश में 117 के करीब ई चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें से 23 चार्जिंग स्टेशन फंक्शनल हो चुके हैं। सरकार ने इसके लिए रोड के हिसाब से कॉरिडोर बनाए हैं। सरकार पीपीपी मोड पर भी चार्जिंग स्टेशन बना रही है। जबकि प्रदेश में जो पेट्रोल पंप है उनमें भी कई स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए गए हैं।
2017 में आए थे ई वाहन
वर्ष 2017 में ई वाहन आना शुरू हुए थे। उस समय हिमाचल में महज 15 ई वाहन पंजीकृत हुए थे। 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 3299 हो गई है। सबसे जयादा ई वाहन वर्ष 2023 में 1128 पंजीकृत हुए हैं। इस साल 6 महीनों में 527 ई वाहन पंजीकृत हो चुके हैं। पेट्रोल व डीजल वाहनों से सबसे ज्यादा प्रदूषण होता है। सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदूषण को कम करने के लिए ई वाहनों को तरजीह देना शुरू किया।
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वाहन टाइप संख्या
बस 87, ई रिक्शा विद कार्ट 13, ई रिक्शा 192, गुड्स कैरियर 22, स्कूटर, मोटर साइकिल 2444, मैक्सी कैब 43, मोपेड़ 44, मोटर कैब 3, मोटरकार 288, मोटोराइज्ड कार 31, ओमनी बस 30, प्राइवेट सर्विस व्हीकल 6, थ्री व्हीलर गुडस 4, थ्री व्हीलर पैंसजर 80, थ्री व्हीलर पर्सनल 2, स्कूटर, मोटर साइकिल विद साइड कार 10 शामिल है।
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2025 तक ई वाहनों का हब बनाने का है लक्ष्य
राज्य सरकार का लक्ष्य 2025 तक हिमाचल को इलेक्ट्रिक वाहनों का हब बनाने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए कई तरह की छूट देने का निर्णय लिया है। सरकार हाल ही में ई-व्हीकल पॉलिसी व स्क्रैप पॉलिसी लागू की गई है। पुराना वाहन स्क्रैप करने के बाद ई वाहन खरीदने के बाद इनके पंजीकरण पर छूट दी जाती है।
चार्जिंग स्टेशन बनाने का काम जारी है। सरकारी विभागों, पर्यटन निगम के होटलों में भी ई चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसको लेकर काम चल रहा है। -नरेश ठाकुर, अतिरिक्त आयुक्त परिवहन विभाग