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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: '60 शहरी स्थानीय निकायों में शुरू होगी ई-गवर्नेंस सेवा...', डिजिटल मिशन पर CM सुक्खू का एलान

    Updated: Sun, 03 Mar 2024 08:00 PM (IST)

    Himachal News हिमाचल प्रदेश को डिजिटल बनाने के लिए सुक्‍खू सरकार की सारी तैयारियां पूरी हो गई हैं। सुक्‍खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी 60 शहरी ...और पढ़ें

    डिजिटल मिशन पर CM सुक्खू का एलान (फाइल फोटो)
    डिजिटल मिशन पर CM सुक्खू का एलान (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी 60 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में ई-गवर्नेंस सेवाएं शुरू कर रही है। इस पहल का उद्देश्य वृहद राज्य-व्यापी सेवा वितरण अधोसंरचना के माध्यम से एकीकृत व पूर्ण समाधान प्रदान करके नागरिकों के लिए सार्वजनिक सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाना है।

    राज्य सरकार ने राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (एनयूडीएम) के तहत अर्बन प्लेटफार्म फॉर डिलीवरी ऑफ ऑनलाइन गवर्नेंस (उपयोग) प्लेटफार्म के कार्यांवयन के लिए आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय और राष्ट्रीय शहरी मामलों के संस्थान के साथ त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्लेटफार्म प्रदेशवासियों के लिए एकीकृत पोर्टल प्रदान करके शहरी सेवाओं को डिजिटल बनाने और बदलने के लिए तैयार किया गया है।

    राजस्व सृजन और डेटा-संचालित निष्पादन

    नागरिकों को शहरी सेवाओं की सरल उपलब्धता, स्वचालित स्थिति अपडेट और शहर के अधिकारियों के साथ बेहतर समंवय स्थापित होगा, जबकि शहरी स्थानीय निकाय उत्पादकता में वृद्धि, सेवाओं की बेहतर समयबद्ध डिलीवरी, बेहतर राजस्व सृजन और डेटा-संचालित निष्पादन करेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार को योजना और नीतियां बनाने, परियोजना लक्ष्यों के आधार पर निधि वितरण में तेजी लाने और विभिन्न शहरों के बीच नवाचार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में वास्तविक डेटा से लाभप्रद सिद्ध होगा।

    स्टेट प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट की स्थापना

    उपयोग प्लेटफार्म की संचालन के लिए कार्यान्वयन योजना के रूप में राज्य स्तर पर स्टेट प्रोजेक्ट मानिटरिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसके अतिरिक्त इस पहल में शहरी स्थानीय निकायों में संपत्ति मानचित्रण और सर्वेक्षण के लिए ड्रोन-आधारित भौगोलिक सूचना प्रणाली का उपयोग और परिवार रजिस्टर तैयार करने के लिए प्रत्येक परिवार का सर्वेक्षण शामिल है।

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    उपयोग प्लेटफार्म माइक्रो-सेवा-आधारित डिजिटल बुनियादी ढांचा है जो राज्य सरकारों को नागरिकों के लिए शहरी सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए सभी शहरी स्थानीय निकायों में स्थानीय रूप से प्रासंगिक ऑनलाइन समाधान प्रदान करता है। ई-गवर्नेंस सेवाओं के कार्यान्वयन से राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों में नागरिकों के जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन आएगा, जिससे नगरपालिका प्रशासन सरल, अधिक उत्तरदायी और पारदर्शी बनेगा।

    14 फरवरी को मंत्रिमंडल बैठक में लिया गया था निर्णय

    इस संबंध में सरकार ने 14 फरवरी को मंत्रिमंडलीय बैठक में निर्णय लिया था। जिसके तहत सरकार की ओर से विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।

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