Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल में दुर्लभ नजारा, किन्नौर में पहली बार दिखा यूरोप का प्रवासी पक्षी कॉमन ग्रीनशैंक

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 06:24 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में पहली बार यूरोप से आने वाले प्रवासी जलपक्षी कॉमन ग्रीनशैंक का दस्तावेजीकरण किया गया है। ...और पढ़ें

    हिमाचल के किन्नौर में पहली बार दिखा यूरोप का प्रवासी पक्षी कॉमन ग्रीनशैंक।

    हिमाचल के किन्नौर में पहली बार दिखा यूरोप का प्रवासी पक्षी कॉमन ग्रीनशैंक।

    HighLights

    1. किन्नौर में यूरोप के प्रवासी कॉमन ग्रीनशैंक का पहला दस्तावेजीकरण

    2. रक्छम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य में वन अधिकारी ने देखा

    3. यह खोज किन्नौर की पक्षी विविधता में महत्वपूर्ण वृद्धि

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रक्छम-छितकुल वन्यजीव अभयारण्य में पहली बार यूरोप से आने वाले प्रवासी जलपक्षी कॉमन ग्रीनशैंक का दस्तावेजीकरण किया गया है। यह किन्नौर जिले से इस पक्षी का पहला पुष्ट रिकॉर्ड माना जा रहा है, जिससे जिले की पक्षी विविधता (एविफौना) में एक और महत्वपूर्ण प्रजाति जुड़ गई है।

    कॉमन ग्रीनशैंक को वन्यजीव अभयारण्य में नियमित फील्ड मानिटरिंग के दौरान खंड वन अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने देखा और उसका फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण किया। इस दौरान गोपाल नेगी और अल्पना नेगी भी मौजूद रहे और उन्होंने प्रजाति की पहचान एवं रिकॉर्डिंग में सहयोग दिया।

    पक्षी विशेषज्ञ हिमांशु चौधरी ने बताया कि किन्नौर घाटी में कॉमन ग्रीनशैंक का यह पहला रिकॉर्ड है। इससे पहले यह प्रजाति पड़ोसी स्पीति क्षेत्र में दर्ज की जा चुकी है और वर्ष 2024 में रंगरिक में भी इसका रिकॉर्ड मिला था। उन्होंने कहा कि यह नई खोज किन्नौर के पक्षी डेटाबेस को समृद्ध करेगी और यह साबित करती है कि जिले की नदियां और आर्द्रभूमियां प्रवासी जलपक्षियों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव का काम करती हैं।

    ऐसे रिकॉर्ड हिमालयी क्षेत्रों में पक्षियों के प्रवास मार्ग को समझने और संरक्षण योजनाओं को मजबूत करने में सहायक होते हैं। हिमाचल ई-बर्ड समन्वयक डॉ. एम भट्टाचार्य ने पुष्टि की कि ई-बर्ड प्लेटफार्म पर भी किन्नौर जिले से कॉमन ग्रीनशैंक का यह पहला रिकॉर्ड है। उन्होंने इसे नागरिक विज्ञान (सिटिजन साइंस) और पक्षी विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    खबरें और भी

    सांगला वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अशोक नेगी, आईएफएस ने इस उपलब्धि को किन्नौर की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए ब्लॉक फॉरेस्ट आफिसर संतोष कुमार ठाकुर और उनकी टीम को बधाई दी। किन्नौर के उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने भी रक्छम टीम को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।

    कॉमन ग्रीनशैंक उत्तरी यूरोप और एशिया में प्रजनन करने वाला प्रवासी जलपक्षी है, जो सर्दियों के दौरान भारतीय उपमहाद्वीप का रुख करता है। यह सामान्यतः आर्द्रभूमि, नदी किनारों और उथले जल क्षेत्रों में पाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किन्नौर से मिला यह नया रिकॉर्ड हिमाचल प्रदेश में पक्षी संरक्षण और वैज्ञानिक शोध के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।