फास्टैग एनुअल पास ठगी: गृह मंत्रालय की चेतावनी के बाद हिमाचल पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
गृह मंत्रालय ने फास्टैग एनुअल पास के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी के खिलाफ एडवाइजरी जारी की है। साइबर ठग फर्जी वेबसाइटों और विज्ञापनों का उपयोग कर लोगों क ...और पढ़ें

फास्टैग एनुअल पास के नाम पर ठगी हो रही है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
साइबर ठग फास्टैग एनुअल पास के नाम पर ठगी कर रहे।
फर्जी वेबसाइटों, विज्ञापनों से वाहन मालिकों को निशाना बनाया जा रहा।
डीजीपी हिमाचल ने लोगों से सतर्क रहने, आधिकारिक प्लेटफार्म उपयोग करने की अपील की।
जागरण संवाददाता, शिमला। देशभर में फास्टैग एनुअल पास के नाम पर आनलाइन ठगी के मामले सामने आने लगे हैं। साइबर ठग फर्जी वेबसाइट, नकली विज्ञापन और सरकारी संस्थानों जैसे दिखने वाले लोगो का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने इसे लेकर एडवायजरी जारी कर प्रदेश पुलिस को सचेत किया है।
वाहन मालिकों को ऐसे फर्जी लिंक और विज्ञापनों से सावधान रहने को कहा है। साइबर अपराधी डिस्काउंटेड फास्टैग एनुअल पास का लालच देकर लोगों से वाहन से जुड़ी जानकारी, फास्टैग आइडी, ओटीपी और बैंकिंग विवरण हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। एक बार यह जानकारी हाथ लगने के बाद साइबर अपराधी बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं या अन्य तरह की धोखाधड़ी को अंजाम दे सकते हैं।
फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे ठग
जांच में सामने आया है कि साइबर ठग इंटरनेट पर ऐसी फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल सरकारी पोर्टल जैसी लगती हैं। इनमें एनएचएआइ जैसे लोगो का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे आम लोग आसानी से भ्रमित हो जाते हैं।
फर्जी विज्ञापन दिखा रहे
इसके अलावा इंटरनेट मीडिया और सर्च इंजन पर भी फर्जी विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं। कई बार गूगल सर्च में सबसे ऊपर दिखाई देने वाला लिंक भी असली नहीं होता, जिससे लोग गलती से नकली वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं।
प्रदेश में बड़ी संख्या में वाहन मालिक फास्टैग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और केवल आधिकारिक प्लेटफार्म के माध्यम से ही फास्टैग से जुड़ी सेवाओं का उपयोग करें।
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डीजीपी हिमाचल ने की अपील
डीजीपी अशोक तिवारी ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। किसी भी आकर्षक आफर या भारी छूट के लालच में आकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। फास्टैग से जुड़ी सेवाओं के लिए केवल अधिकृत वेबसाइट, मोबाइल एप या बैंकिंग चैनलों का ही इस्तेमाल करें।