यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पर्यटकों को शिमला घूमना पड़ेगा महंगा! बाहरी गाड़ियों से ग्रीन टैक्स वसूलने की तैयारी, कब होगा लागू?
Green Tax in Shimla शिमला आने वाले पर्यटकों को अब ग्रीन टैक्स देना होगा। नगर निगम ने अन्य राज्यों के वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने का प्रस्ताव तैयार कि ...और पढ़ें

HighLights
- नगर निगम ने फिर से सरकार से अनुमति लेने का प्रस्ताव किया पारित
- बजट के बाद हुई मासिक बैठक में पास किया प्रस्ताव, मंजूरी मिलते ही होगा लागू
जागरण संवाददाता, शिमला। Himachal Pradesh News यदि आप घूमने के लिए शिमला आ रहे हैं तो आने वाले समय में आपको ग्रीन टैक्स (Green Tax) भी देना पड़ सकता है। शिमला आने वाले अन्य राज्यों के वाहनों से ग्रीन टैक्स वसूलने की तैयारी है। शिमला नगर निगम (Shimla Municipal council) ने वीरवार को बजट के बाद हुई मासिक बैठक में चर्चा की।
इस पर निर्णय लिया है कि इसे मंजूरी के लिए फिर से राज्य सरकार को भेजा जाएगा। यदि सरकार अपने स्तर पर इस पर कुछ नहीं कर रही है और निगम को लागू करने के लिए स्वीकृति मिलती है तो निगम इसे अपने स्तर पर लागू करने की तैयारी शुरू कर देगा।
12 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद
नगर निगम को ग्रीन टैक्स लागू करने के बाद 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद है। निगम ने इसे पहले भी एक बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा दिया था, उसमें हाई कोर्ट के निर्देश के बाद इसे हटाना पड़ा था। अब निगम ने बैरियर फ्री तरीके से लागू करने की तैयारी करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
नगर निगम लंबे समय से आय के नए संसाधन तलाशने की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन निगम को ज्यादा सफलता नहीं मिल रही है। अब निगम ने इस बार फिर से इसी दिशा में एक प्रयास किया है, जिसमें शहर में बाहर से आने वाले वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाने की तैयारी की जा रही है।
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बड़े वाहनों के लिए 300 रुपये तय
सरकार की मंजूरी मिलने के बाद अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों को ग्रीन टैक्स चुकाना होगा। नगर निगम के प्रस्ताव में बस और ट्रक जैसे बड़े वाहनों के लिए 300 रुपये, कार के लिए 200 रुपये और दोपहिया वाहनों के लिए 50 रुपये ग्रीन टैक्स तय किया है।
पहले भाजपा सरकार के समय में भी प्रस्ताव सरकार को भेजा था, लेकिन मंजूरी नहीं मिल सकी थी। मौजूदा कांग्रेस सरकार लगातार राज्य की आमदनी बढ़ाने की बात कर रही है। ऐसे में संभावना है कि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है।