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    हिमाचल में मानसून का कहर जारी, अब तक 798 करोड़ का नुकसान; आज 3 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    Updated: Fri, 07 Aug 2026 07:00 AM (IST)

    मॉनसून के कारण हिमाचल प्रदेश में अब तक 798 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें 14 लोगों की जान गई और 120 सड़कें बंद हैं। ...और पढ़ें

    हिमाचल में मानसून के कहर में 798 करोड़ के नुकसान का आकलन। फाइल फोटो

    हिमाचल में मानसून के कहर में 798 करोड़ के नुकसान का आकलन। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हिमाचल में मॉनसून से 798 करोड़ रुपये का नुकसान

    2. किन्नौर में भूस्खलन से शिमला-रिकांगपिओ NH सात घंटे बंद

    3. प्रदेश में 120 सड़कें बंद, 14 लोगों की मौत

    जागरण संवाददाता, शिमला। प्रदेश में मानसून का कहर लगातार जारी है ओर अभी तक मानसून के दौरान 798 करोउ़ के नुकसान का आकलन कर दिया गया है। वीरवार को किन्नौर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला-रिकांगपिओ पर निगुलसरी में पहाड़ी दरकी।

    चट्टानें और मलबा गिरने से राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद रही करीब सात घंटे के बाद इसे सभी वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। भूस्खलन के दौरान वहां से गुजर रहे वाहन सवार बाल-बाल बचे। प्रदेश में 120 सड़कें यातायात के बंद हैं जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    प्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में अगले सात दिनों 6 अगस्त से 12 अगस्त तक कई इलाकों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में मूसलाधार वर्षा दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है।

    धर्मशाला में सबसे अधिक 81.5 मिलीमीटर, मनाली में 63 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। नाहन में 41.2 , कसोल में 32, शिमला में 30.6 और सराहन में 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार को प्रदेश के दो जिलों बिलासपुर और कांगड़ा भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है।

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    इस कारण बाढ़ आने की संभावना जताई है। इस दौरान लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकतम तापमान में कल्पा में 5.6, ऊना में 4.8 और ताबो में 4.5 डिग्री की गिरावट आई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान सुंदरनगर में 31.1 डिग्री दर्ज किया गया जबकि मंडी में 31 डिग्री रहा।

    मानसून के दौरान 30 जून से 06 अगस्त तक राज्य में हुए नुकसान का कुल 797.87 करोड़ रुपये का आकलन किया गया है। सबसे अधिक नुकसान सडकों, पुल आदि के कारण लोकनिर्माण विभाग को 592.30 करोड़ रुपये से अधिक का, जल शक्ति विभाग को पेयजल व सिंचाई योजनाओं के कारण 186.83 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 5.30 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।

    भूस्खलन से 14 लोगों की मौत हुई है। अब तक 22 पक्के और 39 कच्चे मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं। जबकि 90 पक्के और 142 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही 183 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं और 194 पशुधन की हानि हुई है। कृषि और बागवानी को हुए नुकसान का आकलन अभी तक करीब 5.21 करोड़ रुपये किया गया है।