हिमाचल में आज से 11 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा; नदी-नालों से दूर रहने की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 अगस्त को भारी से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य में ...और पढ़ें
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हिमाचल में मानसून का कहर जारी है। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
10-11 अगस्त को भारी वर्षा, भूस्खलन, बाढ़ का ऑरेंज अलर्ट।
राज्य में 162 सड़कें बंद, बिजली-पानी आपूर्ति बाधित।
पठानकोट-मंडी NH पर भूस्खलन से यातायात प्रभावित।
राज्य ब्यूरो, शिमला। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के साथ 10 और 11 अगस्त को राज्य के मध्य और निचले पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 8 व 9 अगस्त तक राज्य के कांगड़ा, सिरमौर, मंडी, चंबा, कुल्लू और ऊना जिलों में रुक-रुक कर भारी वर्षा का यलो अलर्ट रहेगा।
10 अगस्त को कांगड़ा, सिरमौर, कुल्लू और मंडी तथा 11 अगस्त को चंबा, मंडी, सिरमौर और कुल्लू जिलों में मूसलाधार वर्षा, अचानक बाढ़ का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा शिमला, सोलन, ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर में भी भारी वर्षा की संभावना है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान मूलसाधार वर्षा ने जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है। प्रदेश में 162 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं जबकि 105 ट्रांसफार्मरों के खराब होने के कारण बिजली आपूर्ति बाधित है और 73 पेयजल योजनाएं बंद हैं।
शुक्रवार को पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग पर उरला नामक स्थान पर भूस्खलन से करीब साढ़े चार घंटे तक यातायात बाधित रहा। गाद में फंसी एक कार और मालवाहक को एनएचएआई की मशीनरी की मदद से निकाला गया। मंडी जिला में नारला-बिजणी निर्माणाधीन सुपर हाईवे पर कुन्नू के पास पहाड़ी दरकने से आधे घंटे तक आवाजाही प्रभावित रही।
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प्रदेश में बीते चौबीस घंटों के दौरान धर्मशाला में सर्वाधिक 79 मिलीमीटर, जोगिंदरनगर में 76, मंडी में 63.4 और राजधानी शिमला में 54.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। प्रदेश में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आई है। अभी तक प्रदेश में 834 करोड़ के नुकसान का काकलन कर लिया गया है।