हिमाचल प्रदेश की आबो-हवा बिगड़ी, स्वच्छता रैंकिंग में आई गिरावट; देखिए 7 शहरों का है कौन सा स्थान?
हिमाचल प्रदेश की स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 रैंकिंग में गिरावट आई है, परवाणू और सुंदरनगर जैसे शहरों की स्थिति बिगड़ी है। हालांकि डमटाल ने सुधार कर नौवां स्थान हासिल किया।

हिमाचल प्रदेश के शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट आई है। परवाणू शहर का दृश्य।
HighLights
हिमाचल के अधिकांश शहरों की स्वच्छ वायु रैंकिंग गिरी।
परवाणू 2023 में नंबर-1 से अब 11वें स्थान पर।
डमटाल ने सुधार कर नौवां स्थान हासिल किया।
राज्य ब्यूरो, शिमला। पहाड़ों की साफ हवा का दावा करने वाले हिमाचल के लिए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 की रैंकिंग बड़ा आईना लेकर आई है। कभी देश में स्वच्छ हवा के मामले में छोटे शहरों को पछाड़ने वाला हिमाचल इस बार अपनी पिछली चमक बरकरार नहीं रख पाया। हालांकि डमटाल ने 186 अंक के साथ सुधार करते हुए 11वें स्थान से छलांग लगाकर नौवां स्थान हासिल किया है। इसके अलावा कोई भी शहर पहले दस स्थानों में जगह नहीं बना सका है।
2023 में देश में नंबर-1 रहा परवाणू अब 11वें स्थान पर खिसक गया है। सुंदरनगर, जो 2022 में देश में दूसरे स्थान पर था, 2026 में 12वें स्थान पर पहुंच गया।
सबसे बड़ा झटका पांवटा साहिब को लगा है, जो 2024 में 40वें स्थान पर था, 2025 में 12वें पर पहुंचने के बाद अब फिर 22वें स्थान पर आ गया। हालांकि कुछ शहरों ने बीते वर्ष की अपेक्षा सुधार किया है।
हिमाचल के ये 7 शहर शामिल
केंद्रीय रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में हिमाचल के सात शहर शामिल हैं। 186 अंक के साथ परवाणू 9वें, 185.5 के साथ सुंदरनगर 11वें, 185 के साथ 12वें, कालाअंब 182.4 के साथ 14वें, नालागढ़ 182.2 के साथ 15वें, पांवटा साहिब 174 के साथ 22वें और बद्दी 172.5 अंकों के साथ 23वें स्थान पर रहे।
देश के प्रदूषित शहरों में शामिल शहरों की स्वच्छता को बेहतर करने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। उसी आधार पर इन शहरों की आबोहवा के सुधार को लेकर स्वच्छता रैकिंग जारी की जाती है।
क्या रहता है पैमाना
इस रैंकिंग को लेकर सबसे अहम बात यह है कि इसे केवल उस दिन की एक्यूआई यानि वायु गुणवत्ता सूचकांक या हवा में प्रदूषण की मात्रा देखकर तय नहीं किया जाता। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों की ओर से प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए गए काम और उनकी प्रगति को अंक दिए जाते हैं। शहरों की आबादी के आधार पर तीन श्रेणियां बनाई गई हैं। 10 लाख से अधिक, 3 से 10 लाख और 3 लाख से कम आबादी वाले। हिमाचल के सभी शहर तीन लाख कम आबादी वाले हैं।
स्वच्छता रैंकिंग रही हिमाचल के शहरों की

मूल्यांकन में आठ प्रमुख क्षेत्र
मूल्यांकन में आठ प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इनमें बायोमास एवं नगर ठोस कचरा जलाने पर नियंत्रण, सड़क की धूल, निर्माण एवं विध्वंस कचरे की धूल, वाहनों से होने वाला उत्सर्जन, औद्योगिक उत्सर्जन, अन्य उत्सर्जन, जन-जागरूकता तथा पीएम10 सांद्रता में सुधार।
