हिमाचल विधानसभा: सरकार ने 2035 संस्थान किए डिनोटिफाई, तालाबंदी पर CM सुक्खू और जयराम आमने-सामने
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में संस्थानों को डिनोटिफाई करने का मुद्दा गरमाया, जहां सरकार ने 2035 संस्थान बंद करने की जानकारी दी।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बात रखते सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।
HighLights
सरकार ने वर्तमान कार्यकाल में 2035 संस्थान डिनोटिफाई किए।
सीएम सुक्खू ने पिछली सरकार पर बिना स्टाफ संस्थान खोलने का आरोप लगाया।
विपक्ष ने संस्थानों को राजनीतिक बदले की भावना से बंद करने का आरोप लगाया।
जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधान सभा के मानसून सत्र के 8वें दिन सदन में फिर से संस्थानों को बंद करने, विलय करने और डिनोटिफाई करने का मुद्दा गूंजा। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, बीजेपी विधायक त्रिलोक जम्वाल और रणधीर शर्मा ने इस संबंध में प्रश्न पूछे। जयराम ठाकुर ने सदन में कहा कि साढ़े 3 साल बाद प्रश्न का जवाब मिला, वो भी पूरा नहीं आया है।
जवाब में सरकार ने बताया कि वर्तमान कार्यकाल में अब तक 2035 संस्थान डिनोटिफाई किए हैं, यानी ताला लगाया है, 362 संस्थान खोले गए हैं, ये भी बताया कि 123 डिनोटिफाई करने के बाद फिर खोले।
लेकिन अब सरकार यह बताए कि बंद क्यों किए थे। क्या हमने गलत संस्थान खोले थे, अब 4 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है, अब भी चुन चुन कर संस्थान बंद किए जा रहे हैं, सरकार ऐसा क्यों कर रही है।
राजनीतिक आधार पर संस्थान खोले
सीएम सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रश्न के जवाब में सदन में कहा कि इसका जवाब अभी ही मिलना था, ताकि आपके पास राजनीतिक हथियार मिले, जनता की जरूरत के हिसाब से संस्थान खोले या बंद किए जाते हैं, सरकार बीजेपी और कांग्रेस देखकर संस्थान खोलती या बंद नहीं करती, आपने अपने कार्यकाल में राजनीतिक आधार पर संस्थान खोले।
700 शैक्षिणक संस्थानों में नहीं थे शिक्षक
सीएम ने कहा कि आपने 5 हजार करोड़ की रेवड़ियां बांटी, आपने अपने कार्यकाल में 700 ऐसे शैक्षिणक संस्थान खोले थे जहां शिक्षक नहीं थे, पूरा स्टाफ भी नहीं था, आधारभूत ढांचा भी नहीं था। एक टीचर लगाकर स्कूल अपग्रेड गए, इसलिए बंद किए और फैसला लिया कि जरूरत के हिसाब से संस्थान खोले जाएंगे, पैरामीटर तय किए गए, जो संस्थान खोले गए हैं वो नीड बेस्ड हैं। स्वास्थ्य संस्थानों को लेकर विशेष ध्यान दिया गया, संस्थान जरूरत के हिसाब से खोले जाएंगे।
राजनीतिक लाभ के लिए फैसले ले रही सरकार
बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने कहा यह जो आंकड़ा है, 31 जुलाई 2025 तक का है। सरकार 31 जुलाई 2026 तक का आंकड़ा दे। मेरे विधानसभा क्षेत्र में पूर्व सरकार के समय में जलशक्ति विभाग का डिवीजन खोला गया था, स्टाफ भी था, सारी सुविधाएं भी थी, लेकिन किराये का भवन था, कांग्रेस सरकार के आते ही उसे बंद किया गया।
3 साल बाद सीएम का दौरा हुआ और कुछ किलोमीटर की दूरी पर फिर से डिवीजन खोल दिया, अब स्टाफ पहले से भी कम है, भवन किराये का ही है, ये कैसा नीड बेस्ड है। 3 साल बाद क्या फिर से ज़रूरत पैदा की गई। सरकार राजनीतिक लाभ के लिए फैसले कर रही है।
तीन साल में यही पता नहीं चला नीड कहां है : बिक्रम
बीजेपी विधायक बिक्रम ठाकुर ने सदन में कहा कि तीन साल में सरकार को यही पता नहीं चला कि नीड कहां क्या है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मकसद संस्थान बंद व खोले जा रहे हैं।
राजनीतिक मकसद से संस्थान बंद किए : जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने राजनीतिक मकसद से संस्थान बंद किए। सरकार तमाशा बना रही है, बदले की भावना से संस्थान बंद किए, हमने जनता और जनप्रतिनिधियों की मांग पर संस्थान खोले, क्या सरकार सभी फैसलों की समीक्षा करेगी।
कुछ संस्थान खोले जाएंगे : सुक्खू
इस पर सीएम सुक्खू ने कहा कि संस्थान व्यक्तिगत इच्छा के आधार पर खोले या बंद नहीं किए जाते हैं। कुछ संस्थान सेंसस खत्म होने के बाद खोले जाएंगे।
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