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हिमाचल विधानसभा में नौकरियों पर तकरार: CM बोले- हर किसी सरकारी नौकरी संभव नहीं; आउटसोर्स नीति पर बड़ा बयान दिया

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 25 Aug 2026 03:16 PM (IST)Updated: Tue, 25 Aug 2026 03:53 PM (IST)

हिमाचल विधानसभा में रोजगार और रिक्त पदों पर हंगामे के बीच विपक्ष ने वाकआउट किया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने आउटसोर्स कर्मियों ...और पढ़ें

हिमाचल विधानसभामें बात रखते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।

हिमाचल विधानसभामें बात रखते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।

HighLights

  1. विपक्ष ने रोजगार और रिक्त पदों पर सरकार को घेरा।

  2. मुख्यमंत्री सुक्खू ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए नीति का वादा किया।

  3. स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पद मार्च-जून तक भरे जाएंगे।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को रोजगार और रिक्त पदों के मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच सदन का माहौल गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने जब और अनुपूरक सवाल पूछने चाहे, तो विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने समय की कमी का हवाला देकर इजाजत देने से इनकार कर दिया। इससे नाराज विपक्षी भाजपा सदस्यों ने सदन में जोरदार नारेबाजी की और वाकआउट कर दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि एक ही सवाल पर 25 मिनट से अधिक चर्चा हो चुकी है और नियम 130 के तहत भी इस विषय पर चर्चा प्रस्तावित है। उन्होंने बिक्रम सिंह ठाकुर, विनोद कुमार सहित कुछ अन्य सदस्यों को मर्यादित रहने की सलाह देते हुए कहा कि अध्यक्ष के आसन को निर्देशित नहीं किया जा सकता।

आउटसोर्स कर्मियों के लिए बनेगी सुरक्षित नीति: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए सरकार नीति तैयार कर रही है। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। इसलिए राजीव गांधी स्टार्टअप योजना के तहत पहले चरण में ई-टैक्सी पर अनुदान, दूसरे चरण में सोलर पावर और तीसरे चरण में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पद भरेंगे

भर्तियों का युक्तिकरण करके मेडिकल कालेजों में पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पद अगले वर्ष मार्च और जून तक भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में कार्यक्षमता 35 फीसदी से बढ़कर 65 फीसदी पहुंच गई है।

चयन प्रक्रिया पारदर्शी

पारदर्शी चयन प्रणाली के तहत लोक सेवा आयोग और राज्य चयन आयोग में सुधार करते हुए लिखित परीक्षा के अंकों को साक्षात्कार के साथ जोड़ा गया है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती का पेपर लीक हुआ था, जबकि वर्तमान सरकार ने 1,350 पद भरे हैं और 1,000 अन्य पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।

विपक्ष का हमला: पौने चार साल में कहां हैं चार लाख नौकरियां?

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के साथ-साथ जीतराम कटवाल ने सरकार को घेरते हुए कहा कि पहली कैबिनेट में एक लाख पक्की नौकरियां देने का वादा किया गया था। प्राथमिक शिक्षा में 10,853 और उच्च शिक्षा में 3,432 पद रिक्त हैं। पुलिस विभाग में 3,753, राज्य बिजली बोर्ड में 3,635 (लगभग 57 फीसदी रिक्तियां), और लोक निर्माण विभाग में 2,768 पद खाली। स्वास्थ्य विभाग में 1,298 और जल शक्ति विभाग में 517 पद रिक्त। कटवाल ने दावा किया कि विभिन्न विभागों में 37 फीसदी और बिजली बोर्ड में 57 फीसदी पद खाली पड़े हैं।

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