'नारी शक्ति अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो चुकी', शिमला में भाजपा की महिला जनआक्रोश रैली में राजीव बिंदल की हुंकार
हिमाचल भाजपा ने शिमला में महिला जन आक्रोश पदयात्रा निकाली, जिसमें डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने भाग लिया। रैली में कांग्रेस सरकार के खिलाफ म ...और पढ़ें
HighLights
भाजपा ने शिमला में महिला जन आक्रोश पदयात्रा निकाली।
बिंदल ने कहा नारी शक्ति अपने अधिकारों के लिए खड़ी है।
कांग्रेस पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम रोकने का आरोप।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा ने शिमला में जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। इस अवसर पर भाजपा नेताओं ने जहां संगठनात्मक मोर्चा संभाला। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और सांसद सुरेश कश्यप ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए व्यवस्था काजायजा लिया और महिला कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि यह रैली केवल विरोध का कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, अधिकार और भागीदारी की निर्णायक आवाज है। कार्यकर्ताओं ने इसे “संघर्ष के साथ संस्कार” का प्रतीक बताया। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि “नारी शक्ति अब अपने अधिकारों के लिए खड़ी हो चुकी है, यह रैली उसी जागरूकता और संकल्प का प्रतीक है।”
महिला सशक्तिकरण के लिए भाजपा निरंतर कार्यरत : सुरेश
सांसद सुरेश कश्यप ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए भाजपा निरंतर कार्य कर रही है और यह जनसमर्थन उसी का प्रमाण है। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवा कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों ने भाग लेकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश प्रकट किया और महिला अधिकारों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
अंत में नेताओं ने कहा कि यह जनआंदोलन आगे और व्यापक रूप लेगा और महिलाओं के अधिकारों की इस लड़ाई को और मजबूत किया जाएगा।
कांग्रेस ने करोड़ों महिलाओं के सपनों और अधिकारों को कुचल दिया : सूद
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रश्मि धर सूद ने प्रेस वार्ता में कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े घटनाक्रम ने विपक्ष के महिला विरोधी चेहरे को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लाया गया यह ऐतिहासिक विधेयक देश की साधारण महिलाओं को भी विधानसभा और संसद में अपनी आवाज उठाने का अवसर देने वाला था, लेकिन कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस ने मिलकर इसे रोकने का काम किया। यह केवल एक बिल नहीं था, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों और अधिकारों से जुड़ा हुआ था, जिसे विपक्ष ने कुचल दिया।
रश्मि धर सूद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता “लड़की हूं, लड़ सकती हूं” का नारा देते हैं, वही संसद में बिल गिरने पर तालियां बजाकर अपनी असली मानसिकता दिखा रहे थे। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि आपने तो लड़कियों को संसद तक पहुंचने का रास्ता ही रोक दिया।