हिमाचल प्रदेश के CBSE स्कूलों में फीस कम करने की तैयारी, CM सुक्खू के विभाग को निर्देश; अभी 1500 व 1800 है तय
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में फीस का प्रारूप बदलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव
HighLights
मुख्यमंत्री सुक्खू ने फीस कम करने के निर्देश दिए।
वर्तमान में ₹1500-₹1800 वार्षिक फीस निर्धारित है।
158 सरकारी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध किए गए।
अनिल ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में फीस का प्रारूप नए सिरे से तय होगा। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। बीते दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि फीस कम से कम तय की जाए, ताकि अभिभावकों पर इसका असर न पड़े।
अभी यह फीस है तय
विभाग ने अभी एससी, एसटी व अन्य आरक्षित वर्गों के लिए 1500 और सामान्य वर्ग के लिए 1800 रुपये वार्षिक फीस तय की है। विभाग ने तर्क दिया था कि निजी स्कूलों के फीस ढांचे के मुकाबले यह बेहद कम है।
विभाग का क्या है तर्क
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार का मकसद विद्यार्थियों को गुणात्मक व बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना है। हालांकि विभाग ने तर्क दिया है कि इस साल के लिए फीस तय हो चुकी है। इसमें यदि कोई बदलाव करना है तो अगले सत्र से ही किया जाना उचित रहेगा, क्योंकि छात्र दाखिला ले भी चुके हैं।
158 सरकारी स्कूल हैं सीबीएसई संबद्ध
प्रदेश में 158 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया गया है। इन स्कूलों में पहली अप्रैल 2026 से शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। सरकार का कहना है कि केवल बोर्ड की संबद्धता बदली जा रही है। बच्चों को जो सुविधाएं मिल रही थीं वे पहले की तरह ही मिलती रहेंगी।
शिक्षकों का सब कैडर भी बना रही सरकार
सरकार ने इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए अलग से सब कैडर बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इन शिक्षकों का तबादला उन्हीं स्कूलों में किया जाएगा जहां पर सीबीएसई स्कूल होगा। इन स्कूलों में 10वीं व जमा दो बोर्ड की परीक्षा पहले साल यानी 2027 में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला ही आयोजित करेगा। 2028 के शैक्षणिक सत्र में दसवीं व जमा दो बोर्ड की परीक्षा सीबीएसई आयोजित करेगा। एक साल सरकार ने तैयारियों के लिए रखा है ताकि विद्यार्थियों को दिक्कत न आए। नियमों में भी यही प्रविधान है।
