हिमाचल: 'मुख्य सचिव के गैर कानूनी आदेश से बड़ा चेस्टर हिल विवाद', रेरा के पूर्व अध्यक्ष बाल्दी ने खोला मोर्चा
हिमाचल के चेस्टर हिल मामले में पूर्व रेरा अध्यक्ष श्रीकांत बाल्दी ने मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर दो गैर-कानूनी आदेश ...और पढ़ें

रेरा के पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत बाल्दी और हिमाचल के मुख्य सचिव संजय गुप्ता।
HighLights
पूर्व रेरा अध्यक्ष बाल्दी ने मुख्य सचिव पर लगाए आरोप।
मुख्य सचिव संजय गुप्ता पर गैर-कानूनी आदेश पारित करने का दावा।
बाल्दी ने मुख्यमंत्री से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित चेस्टर हिल मामले को लेकर रेरा के पूर्व अध्यक्ष श्रीकांत बाल्दी ने खुले तौर पर कहा है कि वर्तमान मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने दो गैर कानूनी आदेश पारित किए। अब उन आदेशों से ध्यान भटकाने के लिए उन पर और रेरा के वर्तमान अध्यक्ष पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सरकार को इस मामले में कुछ सुझाव देने के साथ मुख्य सचिव पर दो गैर कानूनी आदेश जारी करने के लिए कार्रवाई की मांग की है।
उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि वह अभी प्रदेश से बाहर हैं और इस संबंध में जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग करेंगे।
गैर कानूनी आदेश वापस लें
बाल्दी ने सरकार को ये भी सुझाव दिया है कि संजय गुप्ता के 6 नवंबर 2025 के बाद के उनके गैर कानूनी आदेशों को वापस लें, जिससे नगर निगम आयुक्त के आदेशों के तहत निर्माणधीन भवन गिराने की कार्रवाई हो सके।
इस कारण हुआ सारा विवाद
श्रीकांत बाल्दी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि यह सारा विवाद प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा पारित दो गैर कानूनी आदेशों के कारण हुआ है, जिसमें एसडीएम सोलन ने जांच की थी और पाया था कि चेस्टर हिल प्रोजेक्ट्स में हिमाचल प्रदेश काश्तकारी और भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 का उल्लंघन हुआ है।
संजय गुप्ता ने बिना किसी अधिकार क्षेत्र के आदेश पारित किया
इस संबंध में जिला उपायुक्त सोलन ने कार्रवाई करनी थी, लेकिन संजय गुप्ता ने बिना किसी अधिकार क्षेत्र के 6 दिसंबर 2025 को यह आदेश पारित किया कि एसडीएम सोलन की रिपोर्ट पहली नजर में तय कानून का उल्लंघन है और एमडीएम सोलन की रिपोर्ट पर जिला उपायुक्त की कोई भी कार्रवाई किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाएगी।
इस आदेश को सरकार ने 28 मार्च 2026 को वापस ले लिया। जबकि दूसरा आदेश संजय गुप्ता मुख्य सचिव (नगर एवं ग्राम नियोजन) ने 6 नवंबर 2025 का जिसमें नगर निगम आयुक्त सोलन के चेस्टर हिल प्रोजेक्ट निर्माण को गिराने के आदेशों को रद कर दिया।
नगर निगम आयुक्त सोलन के हिमाचल प्रदेश नगर निगम अधिनियम के आदेशों के खिलाफ अपील जिला न्यायाधीश के पास हो सकती है न कि सचिव नगर एवं ग्राम नियोजन के अधिकार क्षेत्र है। बाल्दी ने कहा है कि यह अधिकारों का उल्लंघन है।
मुख्य सचिव ने वह राहत भी दी जो आवेदकों ने मांगी ही नहीं
श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि 6 नवंबर 2025 के आदेश के पैरा 27 में मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने अलॉटीज़ को फ्लैट बेचने के लिए धारा 118 के तहत राहत दी है, जो आवेदकों ने कभी मांगी ही नहीं थी। इसके अलावा आदेश के पैरा 31 में नगर निगम सोलन को धमकी दी। उन्होंने कहा कि उनके व्यवहार को गंभीरता से लिया गया है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कब क्या हुआ
- 20 अगस्त 2025 राजीव शांडिल ने चेस्टर हिल में 275 बीघा जमीन को लेकर धारा 118 के उल्लंघन की शिकायत
- 29 अक्टूबर 2025- नगर निगम आयुक्त सोलन ने निर्माण को गिराने के आदेश दिए।
- 13 नवंबर 2025 एसडीएम सोलन की जांच रिपोर्ट में धारा 118, बेनामी कानून तथा रेरा के प्रविधानों का उल्लंघन पाया गया।
- 06 नवंबर 2025 नगर निगम आयुक्त सोलन के निर्माणाधीन भवन को गिराने संबंधी आदेश पर रोक
- 6 दिसंबर 2025 प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने एसडीएम सोलन की रिपोर्ट को कानून का उल्लंघन बताया।
- 28 मार्च 2026 राजस्व विभाग ने मुख्य सचिव के 6 दिसंबर 2025 के पत्र को वापस लिया।
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