CBSE स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की फाइल CM को भेजी, मेरिट आधार पर नियुक्ति की पैरवी; कैबिनेट में जा सकता है केस
हिमाचल प्रदेश में सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिन ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में शिक्षक तैनाती की फाइल फाइनल हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द होगी शुरू।
कैबिनेट सब कमेटी ने मेरिट आधार पर नियुक्ति की सिफारिश की।
रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेजी गई, अंतिम निर्णय उन्हीं का।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र आरंभ होने की उम्मीद है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट सब कमेटी ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को भेज दी है। इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाया जा सकता है।
कमेटी ने मेरिट के आधार पर नियुक्ति की पैरवी की है। इसमें तर्क दिया है कि पहले 136 स्कूलों के लिए कैडर स्ट्रेंथ 6200 के करीब तय की गई थी। अब स्कूलों की संख्या बढ़कर 158 हो गई है। इसमें 151 के करीब स्कूल तो चालू हो चुके हैं।
दाखिले बढ़ने से बढ़ानी पड़ेगी कैडर स्ट्रेंथ
स्कूलों में दाखिले बढ़ने से कैडर स्ट्रेंथ बढ़ानी पड़ेगी। चयन परीक्षा से आए शिक्षकों के बाद भी पद रिक्त रह जाएंगे। यह आवश्यक नहीं होगा कि मेरिट के आधार पर चयन होने के बाद स्कूल में पहले से कार्यरत सभी शिक्षक बदल जाएंगे। यदि आवश्यकता हुई तो उनमें से कुछ शिक्षकों को उन्हीं स्कूलों में भी रखा जा सकता है।
शिक्षकों को दूरदराज क्षेत्रों में भी पड़ सकता है जाना
सरकार पर यह भी दबाव है कि मेरिट के आधार पर चयन होने से कई शिक्षकों को दूरदराज क्षेत्रों में जाना पड़ेगा, जिसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं। कमेटी ने रिपोर्ट में कहा है कि स्कूलों के लिए बनाई गई सब कैडर स्कीम के तहत शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो मामला दोबारा कोर्ट पहुंच सकता है। ऐसे में कानूनी विवादों में पड़ने के बजाय मेरिट आधार पर ही नियुक्ति की जाए।
विभाग तैयार, सरकार की मंजूरी का इंतजार : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सचिवालय में मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि शिक्षा विभाग तैयार है। प्रधानाचार्यों की काउंसिलिंग पूरी कर स्टेशन तय कर दिए हैं। अन्य श्रेणी के शिक्षकों की काउंसिलिंग के लिए सेंटर बना दिए हैं। अब सरकार की मंजूरी का इंतजार है।