हिमाचल सरकार का CBSE संबद्ध सरकारी स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला, पहले सत्र से न वर्दी बदलेगी और न ही भवन का रंग
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध 145 सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए वर्दी और भवन के रंग में कोई बदलाव नहीं होगा। स्कूल प्रबंधन समितियो ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में इस बार वर्दी और भवन का रंग नहीं बदलेगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
2026-27 सत्र में वर्दी और भवन रंग नहीं बदलेगा।
स्कूल प्रबंधन समितियों के अनुरोध पर लिया गया यह निर्णय।
अगले सत्र 2027-28 में वर्दी बदलने पर होगा विचार।
राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबंध 145 सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में वर्दी नहीं बदलेगी। स्कूलों में स्वैच्छिक रूप से जो वर्दी पहले से लगी हुई है, इस सत्र में भी वही लागू होगी। निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग आशीष कोहली की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
पहले सरकार ने निर्णय लिया था कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में वर्दी भी बदलेगी और भवन का रंग भी। बीते 25 फरवरी को सचिव शिक्षा द्वारा स्कूल प्रधानाचार्य व स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में इस पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई थी।
एसएमसी सदस्यों ने ही आग्रह किया था कि इस साल वर्दी न बदली जाए। स्कूल भवनों का रंग भी इस साल नहीं बदला जाएगा। पहले जो रंग स्कूलों का है वही लागू रहेगा। मौजूदा सत्र के लिए इसमें भी छूट दे दी गई है।
अगले सत्र में होगा बदलाव, निफ्ट से मांगे जाएंगे सुझाव
शैक्षणिक सत्र 2027-28 यानी अगले साल सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में वर्दी बदली जाएगी। छात्र व शिक्षकों की वर्दी को अंतिम रूप देने के लिए निदेशक तकनीकी शिक्षा, निफ्ट (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नोलाजी), या किसी उपयुक्त एजेंसी से परामर्श किया जाएगा। नई व्यवस्था को शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू किया जाएगा। निदेशक स्कूल शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि वे वर्तमान रंग योजना के अनुसार ही सफेदी का कार्य कराएं। भवनों की नई रंग योजना पर भी उचित स्तर पर विचार-विमर्श के बाद अलग से अधिसूचना जारी की जाएगी।
मांगा जा रहा था स्पष्टीकरण
स्कूल प्रधानाचार्यों की ओर से बार बार निदेशालय से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा जा रहा था। निदेशालय ने इस संबंध में सभी प्रधानाचार्यों को आगामी आदेशों तक वर्तमान व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।