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हिमाचल के लाहुल में बादल फटने से तबाही: फ्लैश फ्लड में सड़क बही, पुल पानी में डूबा; लोगों ने टेंट में बिताई रात

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 19 Aug 2026 12:51 PM (IST)Updated: Wed, 19 Aug 2026 01:07 PM (IST)

मनाली के मयाड़ घाटी में बादल फटने से आई बाढ़ ने करपट गांव में भारी तबाही मचाई है, जिससे मुख्य ...और पढ़ें

HighLights

  1. मयाड़ घाटी में बादल फटने से करपट गांव में बाढ़।

  2. मुख्य सड़क और पुल बह गए, उपजाऊ भूमि नष्ट।

  3. ग्रामीणों ने टेंटों और रैन बसेरों में ली शरण।

जागरण संवाददाता, मनाली। हिमाचल प्रदेश में लाहुल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी में बादल फटने से आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से करपट गांव में भारी नुकसान हुआ है। करपट नाले में भारी बाढ़ आने से मुख्य सड़क का नामोनिशान मिट गया है। पुल पूरी तरह से पानी में डूब गया है, जिससे आवागमन ठप हो गया है। नाले का पानी फैलने से करपट क्षेत्र में कई बीघा उपजाऊ भूमि और किसानों की फसलें पानी में समा गई हैं।

सुबह मौके पर पहुंचा प्रशासन

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल नायब तहसीलदार विकास राशपा के नेतृत्व में बुधवार सुबह मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। रास्तों को बहाल करने के लिए मशीनें तैनात कर दी गई हैं। पानी अधिक होने से सड़क बहाली का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 

घर छोड़कर भागे लोग, टेंट में शरण

बाढ़ आने पर लोग घर छोड़कर भाग गए। कुछ सालों से करपट के ग्रामीण बाढ़ आने की सूरत में जंगल में टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों की दिक्कत को देखते हुए लाहुल स्पीति विधायक अनुराधा राणा ने ग्रामीणों के लिए जंगल के समीप रैन बसेरा भी बना दिया है। इस रैन बसेरे में शौचालय सहित पानी बिजली की सुविधा भी है। बुधवार को भी बाढ़ आने की स्थिति में ग्रामीणों ने रैन बसेरे सहित टेंटों में शरण ली।

क्या कहना है विधायक का

लाहुल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि नायब तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासन की टीम मौके पर राहत कार्यों में जुटी हुई है। प्रभावित ग्रामीणों को राशन सहित जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से ग्रामीणों के खेतों सहित सड़क व पुल को नुकसान हुआ है। बाढ़ का पानी कम होते ही सड़क बहाली का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

 

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