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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal: भ्रष्टाचार, छेड़छाड, शराब पीकर स्कूल आने जैसी शिकायतों पर तुरंत होगी कार्रवाई, शिक्षा विभाग में 18 जांच अधिकारी तैनात

Published: Tue, 12 Aug 2025 06:56 PM (IST)

Himachal Pradesh Education Department शिक्षा विभाग ने शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के लिए हर जिले में जांच अधिकारी नियुक्त किए ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर।
हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर।

HighLights

  1. शिक्षा विभाग द्वारा जांच अधिकारी नियुक्त |
  2. शिकायतों पर होगी त्वरित कार्रवाई |
  3. 18 अधिकारियों को बनाया गया जांच अधिकारी |

अनिल ठाकुर, शिमला। Himachal Pradesh Education Department, शिकायत की है, कार्रवाई नहीं हो रही। ऐसी आलोचना गाहे बगाहे शिकायतकर्ता के मुंह से निकल जाती है। शिक्षा जैसे महकमे की जब बात आती है तो इस तरह की आलोचना नागवार गुजरती है। ऐसा इसलिए क्योंकि शिक्षा समाज को जागरूक करने का काम करती है। शिक्षा विभाग ने इसी के मद्देनजर बड़ा फैसला लिया है।

विभाग के पास आने वाली शिकायतों का निपटारा अब समयबद्ध तरीके से किया जाएगा। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। ये अधिकारी शिकायत व जांच के मामलों पर समर्पित भाव (डेडीकेटेड तरीके) से कार्य करेंगे।

विभाग के पास स्कूलों में शिक्षकों के खिलाफ अभद्र व्यवहार, शराब पीकर स्कूल आना, छेड़छाड़, वित्तीय अनियमितताओं, मिड डे मील में भेदभाव, अनियमितता, भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर कई शिकायतें आती है। शिकायतें आने के बाद इनकी जांच के आदेश किए जाते हैं।

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फाइलों में दबी रह जाती हैं कई बार शिकायतें

शिकायतों के यह पन्ने फाइलों में दबकर रह जाते हैं। कई महीनों व सालों तक ये धूल फांकते रहते हैं। जांच आदेश शिकायत के आधार पर निर्भर करते हैं। कुछ मामलों में शिकायत के तुरंत बाद निलंबन कर दिया जाता है। ऐसे मामलों में जांच अधिकारी को 90 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट तैयार कर सौंपना अनिवार्य है। उसके बाद मामले में चार्जशीट, बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू होती है। वहीं अन्य तरह के मामलों में भी 1 से 3 महीनों के भीतर जांच पूरी करनी होती है।

कई मामलों में अभी तक कार्रवाई नहीं

शिक्षा विभाग में कई ऐसे मामले हैं जिन पर कार्रवाई नहीं हो रही है। इनमें संजौली कालेज में वित्तीय अनियमितता व दूसरा स्कूल शिक्षा निदेशालय में चिकित्सा बिलों में फ्राड। इन मामलों की जांच पूरी हो चुकी है। अभी आगामी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। अब विभाग इसमें भी बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

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18 अफसर जांच अधिकारी चयनित किए

स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि इसके लिए 18 अधिकारियों को जांच अधिकारी चयनित किया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में ये अधिकारी तैनात है। इस आधार पर विभाग इन अधिकारियों को केस टू बेस आधार पर जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच करवा सकेगा। ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि जांच अधिकारियों की कमी न खलें।

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