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    Himachal: घोषणा के चार महीने बाद भी नहीं मिला कर्मचारियों को DA, अब 15 अगस्त की आस; 4 किस्त के लिए चाहिएं इतने करोड़

    Updated: Tue, 12 Aug 2025 04:29 PM (GMT+05:30)

    Himachal Pradesh Govt Employees DA हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को डीए की किश्त जारी न होने से निराशा बढ़ रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।
    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू।

    HighLights

    1. डीए की किश्त जारी न होने से निराशा |
    2. मुख्यमंत्री का वादा झूठा साबित |
    3. कर्मचारी महासंघ को मान्यता नहीं मिली |

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Govt Employees DA, हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए ढाई साल से ज्यादा का समय हो चुका है। इन ढाई सालों में न तो कर्मचारी महासंघ को मान्यता मिली है। मान्यता न मिलने से कर्मचारियों की मांगों की फेहरिस्त लंबी होती जा रही है। महासंघ को मान्यता न मिलने से अभी तक जेसीसी की बैठक भी नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में सरकार के प्रति निराशा बढ़ती जा रही है।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट भाषण में कहा था कि कर्मचारियों को 15 मई को डीए की तीन प्रतिशत की किश्त जारी की जाएंगी। चार महीने बीत चुके हैं, अभी तक कर्मचारियों को डीए जारी नहीं हुआ है।

    अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अलग अलग धड़े मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी मांग कर चुके हैं। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष त्रिलोक ठाकुर, समानांतर धड़े के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान व पेंशनर संघ के प्रतिनिधिमंडल अलग-अलग मुख्यमंत्री से मिला। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि जल्द इस पर निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारी व पेंशनर थोड़ा धैर्य रखें।

    सरकारी विभागों में हैं इतने कर्मचारी

    हिमाचल के सरकारी विभागों में 183328 कर्मचारी कार्यरत हैं। बोर्ड व निगम के कर्मचारियों की संख्या मिला दी जाए तो यह आंकड़ा अढ़ाई लाख के करीब पहुंच जाता है, जबकि पेंशनरों की संख्या 178655 है। डीए की किश्त जारी न होने से कर्मचारी अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

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    सेवानिवृति आयु बढ़ाने की मांग

    राज्य के कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 साल से बढ़ाकर 59 साल करने की मांग कर रहे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा तर्क ये दिया जा रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद जो कर्मचारियों की देनदारियां हैं उससे कुछ समय के लिए बचा जा सकता है। राज्य सचिवालय में ही 50 के करीब कर्मचारियों को पुर्नरोजगार व सेवा विस्तार इस सरकार में मिल चुका है। इसका विरोध काफी ज्यादा हो रहा है। इसलिए कर्मचारी भी यह मांग कर रहे हैं कि सभी के लिए यह नियम लागू कर दिया जाए।

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    डीए की 4 किस्त हैं लंबित

    प्रदेश में कर्मचारियों को मंहगाई भत्ते की तीन किस्तें (1-7-2023 से 4 प्रतिशत, 1-1-2024 से 4 प्रतिशत, 1-7-2024 से 3 प्रतिशत) देय हैं। जनवरी 1-1-2025 का 2 प्रतिशत डीए हैं। इसकी अदायगी के लिए प्रतिवर्ष क्रमशः लगभग 580 करोड़ रुपये, 580 करोड़ रुपये और 435 करोड़ रुपये धनराशि की आवश्यकता है। इसके लिए 31 मार्च, लगभग 2100 करोड़ रुपये व चौथी किस्त के लिए भी 1800 करोड़ की आवश्यकता है।

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    सीएम ने दिया है आश्वासन : चौहान

    हिमाचल प्रदेश संयुक्त कर्मचारी महासंघ के वीरेंद्र चौहान ने कहा कि हाल ही में महासंघ का प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला था। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि कर्मचारी थोड़ा सब्र रखें। उम्मीद है कि 15 अगस्त को मुख्यमंत्री कर्मचारियों को डीए की किश्त जारी करने की घोषणा करेंगे। उन्होंने कहा कि डीए की किस्त जारी न होने से कर्मचारियों में निराशा बढ़ती जा रही है।

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