हिमाचल में बढ़ सकता है बस, ट्रक व टैक्सी किराया, पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोतरी से रोजमर्रा की वस्तुएं भी होंगी महंगी
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद हिमाचल प्रदेश में बस, ट्रक और टैक्सी का किराया बढ़ सकता है, जिससे आम जनता पर सीधा असर पड़ेगा। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के बाद किराया बढ़ सकता है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पेट्रोल-डीजल के दाम में तीन रुपये की बढ़ोतरी।
बस, ट्रक, टैक्सी ऑपरेटरों ने किराया बढ़ाने की मांग की।
किराया बढ़ने से रोजमर्रा की वस्तुएं भी होंगी महंगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। पेट्रोल और डीजल के दाम में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बस, ट्रक व टैक्सी का किराया बढ़ सकता है। निजी बस, ट्रक और टैक्सी आपरेटरों ने अब राज्य सरकार से किराये में बढ़ोतरी की मांग उठाना शुरू कर दिया है। आपरेटरों का कहना है कि इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। पहले दाम में 20 से 25 पैसे या फिर एक रुपये तक की बढ़ोतरी होती थी, लेकिन इस बार सीधे तीन रुपये बढ़ाए गए हैं। इससे उन्हें प्रतिदिन घाटा उठाना पड़ेगा।
यदि किराया बढ़ता है, तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा, जिससे उन्हें अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। सूत्रों के अनुसार, आपरेटर अपने स्तर पर ही किराया बढ़ा सकते हैं। पर्यटन सीजन में टैक्सी और टेंपो ट्रैवलर आपरेटरों की पहले से एडवांस बुकिंग हो चुकी है। जनजातीय क्षेत्रों के अधिकतर टूर उनके पास बुक रहते हैं।
रोजमर्रा का सामान भी होगा महंगा
डीजल के दाम बढ़ने का असर रोजमर्रा के सामान पर भी पड़ेगा। किराया बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाएंगी। ट्रक और पिकअप का किराया बढ़ने से किसानों और बागवानों को भी परेशानी होगी, क्योंकि उन्हें अपना माल मंडियों तक पहुंचाने के लिए अधिक किराया देना पड़ेगा।
टैक्सी ऑपरेटर ने किया वृद्धि का विरोध
देवभूमि टैक्सी आपरेटर संघ ने पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का विरोध किया है। संघ के पदाधिकारी नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि स्पेयर पार्ट्स, इंश्योरेंस, टैक्स, टोल टैक्स और पंजीकरण में लगातार वृद्धि हो रही है। वाहन चलाना अब आसान नहीं रह गया है। ईंधन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, और इस वृद्धि को ऑपरेटर नहीं सहन कर पाएंगे। राज्य सरकार और परिवहन विभाग से मांग है कि किरायों में वृद्धि की जाए, क्योंकि वर्ष 2010 के बाद विभाग ने किराया नहीं बढ़ाया है।
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बाघा लैंड लूजर ट्रक आपरेटर यूनियन के सदस्य परस राम ने कहा कि डीजल के दाम में वृद्धि से नुकसान हुआ है। यदि किराया तुरंत नहीं बढ़ाया जाता, तो ट्रक चलाना मुश्किल हो जाएगा। हर आपरेटर को प्रति दिन का नुकसान उठाना पड़ेगा, और महंगाई के इस दौर में यह और भी कठिन हो जाएगा।
हिमाचल में कितने वाहन
हिमाचल में कुल 24,48,291 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें मोटर साइकिल और स्कूटर 12,85,182, मोटर कार 8,04,582, गुड्स कैरियर 18,56,45, मोटर कैब 42,011, कृषि ट्रैक्टर 22,309, मैक्सी कैब 12,439, बसें 11,226, शिक्षण संस्थानों की बसें 5,004, थ्री व्हीलर 4,749 और 1,607 एंबुलेंस सहित अन्य वाहन शामिल हैं।