प्राइड आफ हिल्स योजना में हिमाचल को केंद्र से मिली 2395 करोड़ रुपये की पहली किश्त, कहां खर्च होगा बजट?
राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के बाद वित्तीय दबाव झेल रहे हिमाचल प्रदेश को केंद्र की प्राइड ऑफ हिल्स योजना के तहत 2395 करोड़ रुपये की पहली किश्त मिली है ...और पढ़ें

केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल को प्राइड ऑफ हिल्स योजना के तहत पहली किश्त जारी की है। जागरण आर्काइव
HighLights
हिमाचल को प्राइड ऑफ हिल्स की पहली किश्त मिली।
केंद्र से 2395 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।
यह राशि विकास कार्यों और वित्तीय जरूरतों में लगेगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बंद होने के बाद वित्तीय दबाव झेल रहे हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की प्राइड आफ हिल्स योजना के तहत पहली किश्त की 60 प्रतिशत राशि ने संजीवनी का काम किया है। केंद्र ने राज्य के लिए 3,920 करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता मंजूर की थी। जिसमें से 60 प्रतिशत राशि 2395 करोड़ अनटाइड ग्रांट के रूप में मिली। इस राशि का उपयोग राज्य सरकार विकास कार्यों और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में करेगी।
प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान के तहत अंतिम वर्ष में 3300 करोड़ रुपये मिले थे। जबकि शुरुआती वर्ष में 11 हजार करोड़ रुपये मिले और उसके बाद के वर्षों में राशि कम होने के बाद 16वें वित्त आयोग में केंद्र सरकार ने इसे बंद कर दिया। इसका प्रदेश सरकार ने बहुत विरोध और इसे जारी करने की मांग और विधानसभा में विशेष प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भी भेजा।
नवंबर में मिलेगी दूसरी किश्त
प्राइड आप हिल्स के तहत अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 3920 करोड़ में से दूसरी व अंतिम किश्त के तौर पर 40 प्रतिशत राशि नवंबर में मिलेगी। यह राशि भी अनुदान के रूप में मिलने से राज्य की वित्तीय स्थिति को और मजबूती मिलेगी तथा विकास योजनाओं और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में कर सकेगी।
प्रदेश पर 1.10 लाख करोड़ का कर्ज
हिमाचल प्रदेश को हाल के वर्षों में राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के कारण गंभीर वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। ऐसे समय में प्राइड आफ हिल्स पैकेज राज्य के लिए राहत का बड़ा स्रोत बनकर उभरा है। प्रदेश पर अब तक 1.10 लख करोड़ का कर्ज हो चुका है।