विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'सरकारी नौकरी के लिए 800 रुपये आवेदन शुल्क', सुधीर शर्मा ने हिमाचल विधानसभा में उठाया मामला; सरकार बोली- फीस मात्र 100

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 25 Aug 2026 05:32 PM (IST)

हिमाचल सरकार ने सरकारी नौकरी के आवेदन शुल्क में कमी से इनकार किया है, अब अभ्यर्थियों से 800 रुपये लिए ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला परिसर। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. सरकारी नौकरी आवेदन शुल्क में कोई राहत नहीं मिलेगी।

  2. अभ्यर्थियों से अब कुल 800 रुपये शुल्क लिया जा रहा है।

  3. पीएम श्री स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को फिलहाल परीक्षा शुल्क में राहत नहीं मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि शुल्क कम करने का कोई विचार नहीं है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के लिखित सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि राज्य चयन आयोग में अभ्यर्थियों से 100 रुपये परीक्षा शुल्क और 700 रुपये प्रसंस्करण शुल्क यानी कुल 800 रुपये लिए जा रहे हैं।

पहले सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों से 360 और आरक्षित वर्ग से 120 रुपये परीक्षा शुल्क लिया जाता था। उस समय परीक्षाएं ऑफलाइन पेपर-पेन मोड में होती थीं। सरकार के अनुसार, कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए चयनित एजेंसी के अतिरिक्त खर्च को पूरा करने के लिए 700 रुपये प्रसंस्करण शुल्क तय किया गया है। 

लोक सेवा आयोग की फीस भी बढ़ी

वर्तमान में राज्य चयन आयोग की परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित हो रही हैं। हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भी परीक्षा शुल्क 400 से बढ़ाकर 600 रुपये किया है। सरकार ने 31 मार्च 2026 को राज्य चयन आयोग की तर्ज पर लोक सेवा आयोग को भी अपनी शुल्क संरचना तय करने के लिए अधिकृत किया है।

पीएम श्री स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब से ओपन जिम तक

उधर, हिमाचल के 199 पीएम श्री स्कूलों में पढ़ाई के साथ नवाचार, तकनीक, खेल और कौशल विकास की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री स्कूल फार राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना के तहत चयनित स्कूलों में अटल टिंकरिंग लैब, डिजिटल क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी, ओपन जिम और इनडोर-आउटडोर खेल सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने विधायक विनोद कुमार के लिखित सवाल के जवाब में बताया कि योजना में 50 से अधिक शैक्षणिक, खेल, कौशल और विद्यार्थी कल्याण संबंधी सुविधाओं के लिए वित्तीय सहायता दी जा रही है। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों, एक्सपोजर विजिट और स्कूल ट्विनिंग से जोड़ा जाएगा। पहली से आठवीं कक्षा तक निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें तथा छात्राओं और एससी/एसटी विद्यार्थियों के लिए यूनिफार्म उपलब्ध होगी। छात्राओं को छात्रवृत्ति, सेनेटरी पैड और किशोरी कार्यक्रम की सुविधा मिलेगी। चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से विद्यार्थियों के नामांकन, उपस्थिति और प्रगति की निगरानी की जाएगी।

यह भी पढ़ें: हिमाचल विधानसभा में नौकरियों पर तकरार: CM बोले- हर किसी सरकारी नौकरी संभव नहीं; आउटसोर्स नीति पर बड़ा बयान दिया