हिमाचल में राष्ट्रीय लोक अदालत में 62 हजार मामलों के निपटारे की तैयारी, लंबित विवाद का एक दिन में होगा समाधान
हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च 2026 को पहली राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर के ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में 14 मार्च को लोक अदालत का आयोजन होगा। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
14 मार्च 2026 को हिमाचल में पहली राष्ट्रीय लोक अदालत।
62 हजार मामलों के निपटारे की तैयारी, ऑनलाइन चालान भुगतान।
लंबित विवादों का एक ही दिन में त्वरित समाधान लक्ष्य।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2026 की पहली राष्ट्रीय लोक अदालत 14 मार्च को होगी। यह लोक अदालत प्रदेश के सभी न्यायालयों में एक साथ होगी। आयोजन मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया के संरक्षण तथा न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, लोक अदालत में समझौता योग्य मामलों का त्वरित निपटारा किया जाएगा।
ट्रैफिक मजिस्ट्रेट अदालतों में एमवी चालान मामलों के लिए ई-कोर्ट डिजिटल भुगतान के माध्यम से आनलाइन कंपाउंडिंग शुल्क जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इससे लोगों को अदालत आए बिना ही राहत मिल सकेगी।
62 हजार मामलों की पहचान
अब तक प्रदेशभर की विभिन्न अदालतों ने लगभग 62 हजार मामलों की पहचान लोक अदालत में निपटारे के लिए की है। मामलों की सुनवाई और समझौते को सुनिश्चित करने के लिए बार संघों, बीमा कंपनियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें की जा रही हैं। जनजागरूकता के लिए आइईसी सामग्री बांटी जा रही है।
लंबित विवाद का एक दिन में समाधान
पंचायती राज संस्थाओं, स्थानीय निकायों, गैर सरकारी संगठनों, पैरा लीगल वालंटियर्स और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के माध्यम से भी लोगों को लोक अदालत के लाभ बताए जा रहे हैं। ताकि अधिक से अधिक लोग अपने लंबित विवादों का समाधान एक ही दिन में करवा सकें।