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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: बागबानों ने वन भूमि पर लगा दिए थे सेब के पौधे, हाई कोर्ट के आदेश पर फलों से लदे 500 पेड़ काटे

    By editorial DrmEdited By: Rajesh Kumar Sharma
    Updated: Sun, 13 Jul 2025 01:57 PM (IST)

    Shimla Newsशिमला जिले में वन भूमि से कब्जे हटाने के लिए वन राजस्व विभाग व प्रशासन ने मुहिम शुरू कर दी है। कोटखाई और कुमारसैन में वन भूमि पर बने सेब के ...और पढ़ें

    शिमला के कोटखाई में हाईकोर्ट के आर्डर के बाद वन भूमि से सेब के पेड़ काटते हुए।
    शिमला के कोटखाई में हाईकोर्ट के आर्डर के बाद वन भूमि से सेब के पेड़ काटते हुए।

    HighLights

    1. वन भूमि से कब्जे हटाने के लिए विभाग ने चलाया अभियान
    2. कुमारसैन के बड़ागांव, कोटखाई के चैथला में हटाए कब्जे
    3. चैथला में शस्त्र लेकर चलने पर 18 जुलाई तक लगाया है प्रतिबंध

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद शिमला जिले में वन भूमि से कब्जे हटाने के लिए वन, राजस्व विभाग व प्रशासन ने मुहिम आरंभ कर दी है। शनिवार को कोटखाई व कुमारसैन में वन भूमि पर बने बगीचों में सेब से लदे लगभग 500 पेड़ों को काटा गया। कुमारसैन के बड़ागांव में कई बागबानों के कब्जे हटाए गए। इस दौरान वन भूमि पर लगे सेब के पेड़ों को भी काट दिया गया। 

    चैथला में दो बागबानों के कब्जे हटाए

    कोटखाई के चैथला में भी दो बागबानों के बगीचों से अवैध कब्जों को हटाया गया। जिला प्रशासन ने हाई कोर्ट के आदेश के पालन के लिए वन विभाग को वन भूमि पर बनाए सेब के बगीचे हटाने के आदेश दिए हैं। बागबानों ने वन भूमि पर कब्जे कर सेब के पेड़ लगा लिए हैं। 

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    18 जुलाई तक शस्त्र लेकर चलने पर प्रतिबंध लगाया

    कोटखाई के गांव चैथला में शस्त्र लेकर चलने पर 18 जुलाई तक प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में जिला दंडाधिकारी शिमला अनुपम कश्यप ने निर्देश जारी किए हैं। हालांकि यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री व सिक्योरिटी फोर्सेज, सरकारी व गैर सरकारी तथा अधिकृत सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होंगे। यहां पर वन भूमि पर सेब के बगीचे तैयार किए गए हैं। हाई कोर्ट ने अतिक्रमण कर लगाए बगीचों को हटाने के आदेश दिए हैं।

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