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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: प्राकृतिक आपदा से पर्यटन पर पड़ा असर, पिछले 6 महीने में इतने पर्यटकों की संख्या हुई कम

    Updated: Thu, 22 Feb 2024 07:44 PM (IST)

    बीते साल हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश और भूस्खलन के कारण भारी नुकसान देखने को मिला। यही कारण है कि प्रदेश में पर्यटकों की आमद कम हो गई है। बीते छह महीन ...और पढ़ें

    प्राकृतिक आपदा से पर्यटन पर पड़ा असर, पिछले 6 महीने में इतने पर्यटकों की संख्या हुई कम
    प्राकृतिक आपदा से पर्यटन पर पड़ा असर, पिछले 6 महीने में इतने पर्यटकों की संख्या हुई कम

    जागरण संवाददाता, शिमला।  हिमाचल में बारिश व प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster in Himachal) से पिछले साल पर्यटन क्षेत्र बूरी तरह प्रभावित हुआ है। 6 महीनों के भीतर प्रदेश में पर्यटकों की आमद कम (Tourist arrivals low in Himachal Pradesh) हुई है। 2022 की तुलना में 2023 के छह महीनों में हिमाचल में 4.59 लाख कम पर्यटक आए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने वीरवार को विधानसभा में विधायक सुधीर शर्मा, चैतन्य शर्मा और लोकेंद्र कुमार के संयुक्त सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने यह जानकारी दी। 

    6 महीने में पर्यटकों की आमद हुई कम

    सरकार ने बताया कि प्रदेश में बारिश व प्राकृतिक आपदा के कारण सड़कों को काफी ज्यादा क्षति पहुंची। इस का असर पर्यटन पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2022 से जुलाई 2022 से दिसंबर 2022 तक 64 लाख 57 हजार, 892 पर्यटक आए थे। जबकि इसी अवधि जुलाई से दिसंबर 2023 में 59 लाख 98 हजार 172 पर्यटक पहुंचे। छह महीनों में 4 लाख 59 हजार 720 पर्यटक कम आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में निवेश के लिए विभाग के पास कोई आवेदन लंबित नहीं है।

    हर जिला मुख्यालय हेलीपोर्ट से जुड़ेगा

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के लिए आधारभूत ढांचे को विकसित कर रही है। सरकार प्रदेश के हर जिला मुख्यालय को हेलीपोर्ट से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांगड़ा के रक्कड़, पालमपुर, किन्नौर के रिकांगपिओ व चंबा में इसका काम शुरू किया जा चुका है। उन्हाेंने कहा कि इसके लिए 13-13 करोड़ का बजट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन में नई योजनाएं इसलिए शुरू नहीं की, क्योंकि नई मंजिलें-नई राहें योजना, जो पूर्व सरकार ने शुरू की थी, उसे जारी रखा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हाइवे के किनारे ऐसे स्थान विकसित किए जा रहे है जहां पर्यटकों को रुकने, खाने पीने की उचित व्यवस्था हो। हमीरपुर व बिलासपुर में इस पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने विधायकों को आश्वासन दिया कहा कि गगरेट, आनी सहित अन्य क्षेत्रों में भी पर्यटन गतिविधियों के तहत कार्य किए जाएंगे।

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    शिवजी सृष्टि के रचयिता, रखेंगे विशेष ध्यान

    नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंडी के शिव धाम परियोजना का मामला उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवजी सृष्टि के रचयिता है। सरकार की सभी धर्मों के प्रति आस्था है। उन्होंने कहा कि शिव धाम परियोजना का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसमें और धन का प्रावधान होते ही इस पर फिर से कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

    इन कार्यों के लिए जारी किया बजट

    • -पर्यटन विकसित करने के लिए नगरोटा बगवां में 78.37 लाख जारी।
    • -पालमपुर, 53 मील, टांडा बस अड्डे में वेलकम गेट व हाई मास्ट लाइट लगाने को 21.63 लाख।
    • -देहरा में मझीन पैराग्लाइडिंग साइट के लिए 2.5 लाख जारी।
    • -हमीरपुर में होटल निर्माण को 43.5 लाख।
    • -टूरिज्म प्वाइंट व्यू कोटली पंचायत जिला मंडी 50 लाख।
    • -सोलंग वैली में सड़क किनारे सुविधाएं 54 लाख 20 हजार
    • -बंजार में हेलीपैड निर्माण 2 करोड़
    • -वॉकिंग ट्रैक निर्माण मोनालसू नाला से वन विहार मनाली 46 लाख 47 हजार।
    • -पांवटा साहिब में हेलीपैड निर्माण 50 लाख
    • -चुवाड़ी में हेलीपैड निर्माण को 82 लाख 13 हजार।
    • -कामाक्षा माता मंदिर में सौंदर्यीकरण को 22 लाख 90 हजार।