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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: शिमला के मौसम में आया बदलाव, कई इलाकों में नहीं आ रही सूरज की रोशनी; जानें क्या है वजह?

    By Shoyeb AhmedEdited By: Shoyeb Ahmed
    Updated: Thu, 14 Sep 2023 02:17 PM (GMT+05:30)

    इन दिनों हिमाचल की राजधानी शिमला के इलाकों में सूरज की रोशनी नहीं दिख पा रही है और धुंध छाए रहने से मौसम में बदलाव भी देखा जा रहा है। पिछले करीब 10 द ...और पढ़ें

    शिमला के मौसम में आए बदलाव के कारण कई इलाकों में नहीं आ रही सूरज की रोशनी
    शिमला के मौसम में आए बदलाव के कारण कई इलाकों में नहीं आ रही सूरज की रोशनी

    HighLights

    1. शिमला के मौसम में आए बदलाव के कारण कई इलाकों में सूरज की रोशनी नहीं आ रही है।
    2. धुंध छाए रहने से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।
    3. इस मॉनसून सीजन हुई सामान्य से अधिक बारिश

    शिमला, राज्य ब्यूरो। Shimla Weather News राजधानी शिमला में धुंध (Haze in shimla) छाए रहने से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। सुबह 8 तक घनी धुंध के कारण अंधेरा (Darkness in Shimla) छाया रहता है। पिछले करीब 10 दिनों से शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सूरज की रोशनी (Sunlight) देखने को नहीं मिल रही। इस बार मॉनसून सीजन (Monsoon Season) के दौरान भारी बारिश के कारण घनी धुंध देखने को मिल रही है।

    ज्यादा बारिश के कारण आया बदलाव- मौसम विभाग

    मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल का कहना है कि इस बार अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होने के कारण इस तरह का बदलाव सामने आया है। एक कारण यह भी है कि सतलुज नदी पर बने कोल डैम में जलस्तर बढ़ाने के परिणाम स्वरूप धुंध अधिक सक्रिय रहने लगी है।

    प्रदेश में पैदा हुए बाढ़ के हालात

    आमतौर पर बरसात के बाद शिमला शहर में तेज धूप निकलती थी लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। प्रदेश में इस बार मॉनसून सीजन के दौरान जुलाई व अगस्त के महीने में भारी बारिश हुई थी। इन दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए हैं।

    राज्य में बाढ़ से हुआ करीब 10 हजार करोड़ का नुकसान

    बता दें कि गृह मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले दिनों राज्य में हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के कारण बारिश, बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने से करीब 330 लोगों की मौत हो गई। इस मॉनसून सीजन में राज्य के सभी जिले हाल ही में आपदा के कारण प्रभावित भी हुए। खबरों के मुताबिक प्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा का नुकसान सामने आया है। इसके साथ ही 12 हजार से ज्यादा घर आपदा की चपेट में आए हैं।

    खबरें और भी

    केंद्र सरकार ने दी थी 200 करोड़ रूपये की मंजूरी

    केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान के लिए केंद्र सरकार ने राज्य की वित्तीय मदद को कहा था। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष से 200 करोड़ रुपये अग्रिम राशि के रूप में जारी करने की मंजूरी भी दे दी थी।

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