'हिमाचल सरकार 2016 से 22 के बीच रिटायर कर्मचारियों को वित्तीय लाभ जारी करे', पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने उठाई मांग
हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों ने 1 जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को जल्द वित्तीय लाभ जारी करने की मांग की है। हिमाचल पेंशनर संयुक् ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सरकार से मांगें उठाई हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
पेंशनरों ने 2016-22 सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए वित्तीय लाभ मांगे।
एरियर, डीए, मेडिकल बिल भुगतान हेतु बजट में प्रावधान की मांग।
लगभग 40 हजार पेंशनर अभी भी वित्तीय लाभों से वंचित हैं।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के पेंशनरों ने सरकार से पहली जनवरी 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वित्तीय लाभ जल्द जारी करने की मांग उठाई है। पेंशनरों ने एरियर, डीए और मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए आगामी बजट में प्रविधान करने की मांग उठाई है। पेंशनरों की देनदारियों में देरी पर हिमाचल पेंशनर संयुक्त मोर्चा ने शिमला के कालीबाड़ी में बैठक कर रणनीति तैयार की। प्रदेश में लगभग 40 हजार पेंशनर अपने वित्तीय लाभ से वंचित हैं।
पेंशनरों का एरियर चरणबद्ध दिया जा रहा : नरेश चौहान
मोर्चा की त्रैमासिक बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि रिटायर कर्मचारियों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय प्रदेश और देश की सेवा को समर्पित किया है। सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने अधिकारों के लिए सक्रिय हैं। कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना लागू करना ऐतिहासिक निर्णय रहा। उनके सम्मान और सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया।
पेंशनर्स के लंबित एरियर को चरणबद्ध तरीके से जारी किया जा रहा है। पहले 75 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को भुगतान किया गया है और अब 70 वर्ष तक के पेंशनरों के मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है।
अधिकारी फंसा रहे अड़ंगा
पेंशनरों ने कहा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की देनदारियों को लेकर सरकार ने घोषणा की है लेकिन कुछ अधिकारी इसमें अड़ंगा फंसा रहे हैं। प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने कहा कि पेंशनर सरकार के साथ समन्वय बैठाकर अपनी मांगों को मनवाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ अधिकारी सरकार के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इनके खिलाफ पेंशनर आवाज बुलंद करेंगे। पेंशनरों का एरियर, डीए और मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हुआ है, ये मसला सरकार के समक्ष उठाया जाएगा।