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'हिमाचल के 1.90 लाख पेंशनर्स की 7000 करोड़ रुपये देनदारी', शिमला में सरकार के खिलाफ हल्ला बोल; संघ ने दे दी चेतावनी

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Updated: Tue, 01 Sep 2026 02:33 PM (IST)

शिमला में हिमाचल प्रदेश के हजारों पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ लंबित 7000 करोड़ रुपये की वित्तीय देनदारियों को लेकर ...और पढ़ें

शिमला के चौड़ा मैदान में प्रदर्शन करते पेंशनर्स। जागरण

शिमला के चौड़ा मैदान में प्रदर्शन करते पेंशनर्स। जागरण

HighLights

  1. लंबित 7000 करोड़ रुपये की देनदारियों पर पेंशनर्स का प्रदर्शन।

  2. डीए एरियर और चिकित्सा बिलों के भुगतान की मांग।

  3. सरकार की अनदेखी पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों पेंशनर्स शिमला के चौड़ा मैदान में सरकार के खिलाफ लामबंद हुए हैं। पेंशनरों ने अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों और मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। प्रदर्शनकारियों ने लंबित डीए एरियर और संशोधित वेतनमान के बकाये के भुगतान व चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों के जल्द भुगतान की मांग भी उठाई है। 

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार की ओर से उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। राज्यस्तरीय धरने के माध्यम से पेंशनरों ने सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने के साथ लंबित भुगतान जल्द जारी करने का दबाव बनाया।

पुलिस और पेंशनर्स में बहस

प्रदर्शन के दौरान वाहनों की धरना स्थल से आवाजाही को लेकर पेंशनर्स और पुलिस के बीच बहस भी देखने को मिली। पेंशनर्स का रोष देखकर पुलिसकर्मियों को वाहनों की आवाजाही को रोकना पड़ा और ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ा।

बुजुर्गों हक के लिए सड़क पर

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने पेंशनर्स की भारी उपस्थिति के बीच सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि अपनी जवानी इस प्रदेश की सेवा और निर्माण में समर्पित करने वाले इन बुजुर्गों को आज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 

सीएम के बयानों और वादों पर असंतोष

उन्होंने मुख्यमंत्री के बयानों और वादों पर असंतोष जताते हुए आरोप लगाया कि 13 मई को सचिवालय में हुई बैठक में 31 जुलाई से पहले 40 प्रतिशत अदायगी (ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, लीव एनकैशमेंट और एरियर) देने का जो वादा किया गया था, उसे पूरा नहीं किया गया और अगस्त में नोटिफिकेशन निकालकर इसे ग्रेडेशन में बांट दिया गया। 

राजनीतिक चालों को कामयाब नहीं होने देंगे

उन्होंने चेतावनी दी कि पेंशनर्स अपने अधिकार और अपनी कमाई का हक मांगने आए हैं, भीख मांगने नहीं, और सरकार द्वारा उनके साथ खेली जा रही राजनीतिक चालों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने एचआरटीसी (HRTC) और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को ओपीएस (OPS) व समय पर लाभ न मिलने पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की।

1.90 लाख पेंशनर्स की 7000 करोड़ देनदारी

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में पेंशनर्स की संख्या लगभग 1,90,000 से ज्यादा है, लेकिन सरकार द्वारा 50 प्रतिशत अदायगी भी नहीं की गई है। पहले लगभग 12,000 करोड़ रुपये की देनदारी बनती थी, जिसमें से 5,000 करोड़ रुपये की अदायगी होने के बाद अब करीब 7,000 करोड़ रुपये की बड़ी देनदारी बाकी है। 

फिजूलखर्ची जारी, बुजुर्गों के साथ अन्याय

उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जहां एक तरफ बाकी जगहों पर सलाहकार, चेयरमैन और डेली वेजर्स जैसी चीज़ों पर करोड़ों रुपये फिजूलखर्ची में उड़ाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ 10 साल से अपने हक का पैसा पाने का इंतजार कर रहे इन बुजुर्गों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने यह भी दुख जताया कि एरियर न मिल पाने के कारण करीब 20 प्रतिशत बुजुर्ग और पेंशनर्स इस दुनिया से जा चुके हैं और स्वर्ग सिधार गए हैं। 

सरकार के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ेंगे

अंत में उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार का यही रवैया रहा, तो पेंशनर्स इस सरकार को बद्दुआ देंगे और आने वाले समय में हर एक पेंशनर व उनका रिश्तेदार इस सरकार के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़कर इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगा।

आंदोलन बहुत उग्र होगा

हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि यह सब कुछ होगा। हमारी ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठने वाली बैठक रात को भी होगी और कल भी होगी। हम यहीं शिमला से कहीं जाने वाले नहीं हैं, अगली घोषणा भी हो जाएगी और अगला आंदोलन बहुत उग्र आंदोलन होने वाला है।

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