गानों के बाद अब 'ज्योतिष' पर घिरी हिमाचल पुलिस, DSP रैंक के अधिकारी कर रहे थे इंटरनेट मीडिया पर ऑनलाइन प्रचार
हिमाचल पुलिस के एक डीएसपी स्तर के अधिकारी पर बिना विभागीय अनुमति इंटरनेट मीडिया पर ज्योतिष से जुड़े वीडियो और ऑनलाइन पाठ्यक्रम का प्रचार करने का आरोप ...और पढ़ें

हिमाचल पुलिस गाने के बाद अब ज्योतिष पर घिर गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
डीएसपी पर बिना अनुमति ज्योतिष वीडियो प्रचार का आरोप।
ऑनलाइन पाठ्यक्रम से आर्थिक गतिविधियां संचालित करने का मामला।
पुलिस मुख्यालय ने डीएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
चैतन्य ठाकुर, शिमला। इंटरनेट मीडिया पर गाने गाकर चर्चा में आए निलबिंत इंस्पेक्टर विजय कुमार के खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब हिमाचल पुलिस के एक डीएसपी स्तर के अधिकारी की इंटरनेट मीडिया गतिविधियां सवालों के घेरे में आई हैं। आरोप है कि संबंधित अधिकारी बिना विभागीय अनुमति इंटरनेट मीडिया पर ज्योतिष से जुड़े वीडियो व ऑनलाइन पाठ्यक्रम का प्रचार कर रहे थे और इसके माध्यम से आर्थिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही थीं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, वैदिक ज्योतिष बता रहे
जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, यूट्यूब चैनल पर राशिफल, ग्रह-नक्षत्र, वैदिक ज्योतिष और आध्यात्मिक विषयों से जुड़े बड़ी संख्या में वीडियो उपलब्ध हैं। इन वीडियो में संबंधित डीएसपी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देता है और उनका नाम भी सामने आता है। हालांकि किसी भी वीडियो में उन्होंने स्वयं को हिमाचल पुलिस का डीएसपी या पुलिस अधिकारी नहीं बताया है और न ही कहीं पुलिस की वर्दी पहने दिखाई देते हैं।
27 ऑनलाइन कक्षाएं लगाईं, पैसे भी लिए
जांच में सामने आया है कि संबंधित चैनल के माध्यम से ऑनलाइन बेसिक नक्षत्र पाठ्यक्रम का प्रचार किया गया। प्रचार सामग्री में 27 ऑनलाइन कक्षाओं के बदले पांच हजार रुपये शुल्क लेने का उल्लेख है। साथ ही संपर्क के लिए वाट्सएप नंबर और ईमेल आइडी भी सार्वजनिक की गई है। इसी आधार पर यह सवाल उठा कि क्या एक सेवारत पुलिस अधिकारी विभागीय अनुमति के बिना इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
क्या कहना है डीएसपी का
जांच के घेरे में आए डीएसपी का कहना है कि यह मामला उनके और पुलिस मुख्यालय के बीच का है। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से भेजे नोटिस का जवाब वह लिखित में दे चुके हैं।
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क्या दिया जवाब
हालांकि सूत्रों के अनुसार डीएसपी ने अपने जवाब में यह तर्क दिया है कि उक्त यूट्यूब चैनल से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उसका संचालन उनकी पत्नी करती हैं। विभाग अब इस जवाब और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण कर रहा है।
गाने पर इंस्पेक्टर सस्पेंड
इससे पहले इंटरनेट मीडिया पर गाने गाने के वीडियो प्रसारित होने के बाद इंस्पेक्टर विजय को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की थी। वह मामला अभी लंबित है। ऐसे में एक और पुलिस अधिकारी की इंटरनेट मीडिया गतिविधियों को लेकर उठे विवाद ने पुलिस विभाग में सेवा आचरण नियमों और अनुशासन को लेकर बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि पुलिस मुख्यालय संबंधित डीएसपी के जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्या निर्णय लेता है।
यह हैं पुलिस विभाग के सेवा एवं आचरण नियम
पुलिस विभाग के सेवा एवं आचरण नियमों के अनुसार, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को निजी व्यवसाय, व्यावसायिक गतिविधि या आय अर्जित करने वाली किसी भी बाहरी गतिविधि में शामिल होने से पहले सक्षम प्राधिकारी की अनुमति लेना आवश्यक होता है। अनुशासित बल होने के कारण पुलिस अधिकारियों से सेवा नियमों के कड़ाई से पालन की अपेक्षा की जाती है।