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    Himachal Assembly: हिमाचल में बंद हुई 115 औद्योगिक इकाइयां, जानिए कितने लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ

    Updated: Wed, 27 Aug 2025 03:12 PM (IST)

    Himachal Pradesh Vidhan Sabha हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर प्रदेश की संपदा लुटाने का आरोप लगाया ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला स्थित परिसर।
    हिमाचल प्रदेश विधानसभा का शिमला स्थित परिसर।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Vidhan Sabha, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार पर प्रदेश की संपदा लुटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने कुछ कंपनियों को कस्टमाइज पैकेज के नाम पर अत्यंत सस्ती दरों पर जमीन और मुफ्त सुविधाएं प्रदान कीं।

    उद्योग मंत्री ने बताया कि इस अवधि में 115 औद्योगिक इकाइयां बंद हुई हैं, लेकिन कोई भी इकाई प्रदेश से बाहर स्थानांतरित नहीं हुई। बंद इकाइयों के कारण 3350 लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। 115 औद्योगिक इकाइयों में से 55 के लीज होल्ड राइट स्थानांतरित किए हैं, जिनमें 512.44 करोड़ का निवेश और 3918 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव है।

    भाजपा विधायक बिक्रम ठाकुर के प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किण्वन फार्मा लिमिटेड को वर्ष 2021 में नालागढ़ में 300 बीघा जमीन मात्र एक रुपये प्रति वर्गमीटर की दर पर दी गई। इसी प्रकार, मैसर्ज एसएमपीपी एमुनीशन प्राइवेट लिमिटेड को 800 एकड़ भूमि और इंडो फार्म प्राइवेट लिमिटेड को 30 एकड़ भूमि दी गई। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 800 एकड़ भूमि एक ही कंपनी को देने में भ्रष्टाचार की गंध आ रही है। इन कंपनियों को कस्टमाइज पैकेज के तहत स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट दी गई, जिससे सरकार को रजिस्ट्री से कोई राजस्व नहीं मिला।

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    पांच वर्ष के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में भी 100 प्रतिशत छूट दी गई। इस पैकेज में तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, मुफ्त पानी और मुफ्त वेयर हाउस का प्रविधान किया गया। सरकार इस कस्टमाइज पैकेज से संबंधित सभी जानकारी इकट्ठा कर रही है और जो भी प्रदेश की संपदा को लूटने में शामिल है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि राज्य सरकार औद्योगिक नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रही है। विधायक भी नई नीति के लिए सुझाव दे सकते हैं। उद्योगों के लिए बिजली की दरें 40 पैसे प्रति यूनिट कम की जाएंगी, जिससे 24 घंटे सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। 

    सदन में हंगामा, विपक्ष का विरोध

    इस मुद्दे पर सदन में भारी हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोक-झोंक हुई, जिसके चलते विपक्षी भाजपा के सदस्य सदन से बाहर चले गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ में नियमों की अनदेखी करते हुए उद्योगों को जमीन आवंटित की और अन्य सुविधाएं देकर प्रदेश के खजाने पर अनावश्यक बोझ डाला।

    तीन वर्ष में 2853 करोड़ का निवेश

    उद्योग मंत्री ने बताया कि एक अगस्त 2022 से 31 जुलाई 2025 तक प्रदेश में 2853.94 करोड़ का निवेश हुआ है। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश और विदेश में कई इनवेस्टमेंट इवेंट्स आयोजित किए गए हैं। इनमें 24 औद्योगिक इकाइयों द्वारा 6210 करोड़ के एमओयू-एमओसी साइन किए गए हैं, जिससे 7348 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव है। तीन वर्ष में सिंगल विंडो के माध्यम से 380 नए प्रस्ताव स्वीकृत किए गए हैं, जिनसे 5991.80 करोड़ रुपये का निवेश और 25318 लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य है।

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