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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CM Sukhu के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाए सुधीर शर्मा, विधानसभा में रोजगार सहित इन मुद्दों पर झूठ बोलने का आरोप

Published: Mon, 25 Aug 2025 05:48 PM (GMT+05:30)

Himachal Pradesh Assembly भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर विधानसभा में बार-बार झूठ बोलने का आरोप ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और विधायक सुधीर शर्मा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और विधायक सुधीर शर्मा।

HighLights

  1. सुधीर शर्मा ने पेश किया विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव |
  2. मुख्यमंत्री पर सदन में झूठ बोलने का आरोप |
  3. राहत राशि वितरण में गलत जानकारी देने का आरोप |

राज्य ब्यूरो, शिमला। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लेकर आए हैं। ये प्रस्ताव विधानसभा में बार-बार झूठ बोलने पर केंद्रित है। सुधीर शर्मा ने तीन पेज का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को प्रेषित किया है। इसकी एक प्रति सुधीर शर्मा ने अपने इंटरनेट मीडिया पर भी जारी की है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर विधानसभा में बार-बार झूठ बोलने के आरोप लगाए हैं।

विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया को लिखे पत्र में सुधीर शर्मा ने हवाला दिया है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में 25 हजार युवाओं को रोजगार दिए जाने की बात कही थी, जबकि गत वर्ष मानसून सत्र के दौरान सदन में जानकारी दी थी कि 34 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार दिया। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री ने 23 हजार युवाओं को रोजगार दिए जाने की बात कही।

कर्मचारियों को डीए किस्त पर किया गुमराह

विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव में सुधीर शर्मा ने कर्मचारियों को तीन प्रतिशत डीए की किस्त जारी करने के मामले में गुमराह किया। डीए के संबंध में वर्तमान वित्त वर्ष के बजट में डीए दिए जाने की घोषणा की थी। कर्मचारियोंं को डीए अभी तक मिला नहीं और न ही मिलने की संभावना नजर आ रही है।

राहत राशि देने पर भी बोला झूठ

15 फरवरी, 2024 को प्रश्न संख्या 1273 के जवाब में सरकार ने बताया कि वर्ष 2023 की आपदा प्रभावितों को मुआवजे के तौर पर 483 करोड़ रुपये दिए गए, जोकि सरासर झूठ है। सुधीर शर्मा ने कहा कि दो दिन पहले मेरे एक सवाल के जवाब में बताया गया कि 403 करोड़ की राहत राशि वितरित की है। इसमें से 96 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष 2022-23 का है। यानी इस सरकार ने 307 करोड़ की राहत राशि ही दी है।

आदर्श स्वास्थ्य संस्थान नहीं बने

पहले बजट सत्र से ही सरकार ने हर विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श स्वास्थ्य संस्थान बनाने की घोषणा की। हर विधानसभा सत्र में सरकार द्वारा इस दावे को दोहराया जाता रहा है। आज तक एक भी ऐसा संस्थान में नहीं बना। भाजपा के 28 विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा कोई संस्थान विकसित नहीं हुआ। प्रदेश के अस्पतालों में पैट स्कैन मशीनें लगाने की बात भी लगातार हो रही है, लेकिन अभी तक पैट स्कैन मशीन किसी एक अस्पताल में नहीं स्थापित हो पाई।

गारंटियों पर भी सदन में कई बार झूठ बोला

विधायक का कहना है कि आपदा राहत के बारे में, सरकारी रोजगार, स्वरोजगार के बारे में, अपनी दस गारंटियों के बारे में सरकार कितनी बार सदन में झूठ बोला है उसकी गिनती नहीं की जा सकती है। गारंटियों के मामले में मुख्यमंत्री के वक्तव्य को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी खारिज कर उन्हें सदन की कार्यवाही में भी झूठा साबित कर चुके हैं।

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