यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal News: हिमाचल बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अध्यक्ष को लिखे पत्र का मामला गरमाया, सार्वजनिक हुई लड़ाई
Himachal Electricity Board Dispute हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में एमडी और अध्यक्ष के बीच विवाद बढ़ गया है। अध्यक्ष संजय गुप्ता ने एमडी संदीप कुमा ...और पढ़ें

HighLights
- बिजली बोर्ड के अध्यक्ष ने एमडी से पूछा, आप कितनी बार आए कार्यालय
- एमडी के अध्यक्ष को लिखे पत्र का मामला गर्माया, अध्यक्ष ने उठाए सवाल
- एमडी से पूछा, आपने कितनी बार की विश्व बैंकों के प्रोजेक्ट की समीक्षा
- पत्र में एमडी से पूछे सवाल पर कर्मचारियों यूनियनों ने जताया विरोध
जागरण संवाददाता, शिमला। Himachal Electricity Board Dispute,हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक (एमडी) के अध्यक्ष को लिखे पत्र का मामला गरमा गया है। बिजली बोर्ड के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने बोर्ड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार के पत्र के जवाब में उनसे कुछ बातें पूछी हैं। उन्होंने पूछा है कि आपने मुझे एक अधिकारी की शिकायत का पत्र क्यों लिखा है।
इसमें पूछा है कि आप बोर्ड में प्रबंध निदेशक लगने के बाद कितने समय अपने कार्यालय में आए। इस दौरान आप अपने बेटे की शादी की तैयारी, सास के आपरेशन और अब अपने पिता के इलाज में व्यस्त हैं। इसके अलावा आप हिमुडा में समय दे रहे हैं।
उन्होंने यह भी पूछा कि आपने कितना समय राज्य बिजली बोर्ड को विश्व बैंक की ओर से दिए गए प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक को दिया है और कितनी बार समीक्षा की है। इसके बाद अब यह विवाद और बढ़ गया है।
यूनियन ने एमडी से पूछे सवालों का किया विरोध
वहीं राज्य बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियनों ने एमडी से पूछे सवालों का विरोध जताया है। राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक ने पिछले दिनों बिजली बोर्ड के निदेशक वित्त के विरुद्ध शिकायत को लेकर अध्यक्ष को पत्र लिखा था। इसमें आरोप लगाया था कि अध्यक्ष अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल करते हुए दूसरे के कार्य क्षेत्र में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इसके बाद विवाद बढ़ता जा रहा है।
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विद्युत बोर्ड में भ्रष्टाचार के मामलों को सरकार से उठाएंगे : खरवाड़ा
उधर, बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के पूर्व अध्यक्ष एवं विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने बोर्ड के अधिकारियों पर कई आरोप लगाए हैं। खरवाड़ा ने आरोप लगाया कि बोर्ड के एक जूनियर अधिकारी अनियमितताएं बरत रहे हैं। इसका खमियाजा विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों व पेंशनरों को भुगतना पड़ रहा है। दो साल तक उनके वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं। खरवाड़ा ने यहां जारी बयान में कहा कि विद्युत बोर्ड में भ्रष्टाचार के मामलों को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। सरकार से विद्युत बोर्ड लिमिटेड को एचपीपीसीएल बनने से रोकने की मांग की गई।
सीएम से संयुक्त सघर्ष समिति की बैठक बुलाने का आह्वान
वहीं संघर्ष समिति के पदाधिकरियों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर उनका पक्ष जानने की मांग की है। ताकि बैठक में विद्युत बोर्ड लिमिटेड व इसके पेंशनर व कर्मचारियों के मामलों का सकारात्मक समाधान हो सके। संघर्ष समिति ने बोर्ड में इन दिनों चल रही अधिकारियों की मनमर्जी के बारे में मुख्यमंत्री को बताने की बात भी कही।