यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal: बिजली बोर्ड में पद खत्म करने के विरोध में हो रहे प्रदर्शन से घबराए अधिकारी, पहुंचे डीजीपी के पास
Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने डीजीपी को पत्र लिखकर बोर्ड मुख्यालय में कर्मचारियों के प्रदर्शन से अध ...और पढ़ें

HighLights
- डीजीपी के पास पहुंचे प्रबंधन निदेशक, सुरक्षा पर जताया खतरा
- अधिकारियों की सुरक्षा व काम में बाधा डालने का मसला उठाकर की कदम की मांग
- मुख्यालय में प्रदर्शन पर लगाई है रोक, प्रबंधन के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक (एमडी) ने डीजीपी प्रदेश पुलिस और सीआइडी को पत्र लिखा है। इसमें राज्य बिजली बोर्ड के संयुक्त मोर्चे द्वारा शिमला के कुमार हाउस स्थित बोर्ड मुख्यालय परिसर में किए जा रहे प्रदर्शनों के बारे में अवगत करवाया गया है।
इसमें लिखा है कि राज्य बिजली बोर्ड प्रबंधन ने परिसर में प्रदर्शन करने पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद संयुक्त मोर्चा लगातार प्रबंधन के आदेशों की अनदेखी कर प्रदर्शन कर रहा है। इसके कारण बिजली बोर्ड प्रबंधन के अधिकारियों के काम में बाधा आ रही है। साथ ही यह उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरा है। उन्होंने दोनों डीजीपी से इस बारे में जल्द कदम उठाने का आग्रह किया है।
बोर्ड प्रबंधन ने पहले ही परिसर में धरने व प्रदर्शन करने पर रोक लगा रखी है। इसके लिए पत्र भी जारी किया है। दूसरी तरफ बोर्ड में कर्मचारियों के पदों को खत्म करने, सरप्लस करने से लेकर अनेक फैसले हो रहे हैं, जिसका कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सात अगस्त को मुख्यालय में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इससे पहले प्रबंधन को दो सप्ताह में मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है।
यह भी पढ़ें- Himachal News: हिमाचल बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अध्यक्ष को लिखे पत्र का मामला गरमाया, सार्वजनिक हुई लड़ाई
आज से बोर्ड परिसर में बढ़ सकती है पुलिस तैनाती
राज्य बिजली बोर्ड के परिसर कुमार हाउस में 30 जुलाई से पुलिस की तैनाती बढ़ सकती है। बिजली बोर्ड के कर्मचारी लगातार मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। बोर्ड के अधिकारियों की ओर से इस पर की जा रही सख्ती आने वाले दिनों में और कड़ा आंदोलन करने के लिए कर्मचारियों को मजबूर कर सकती है। ऐसे में बोर्ड मुख्यालय में कर्मचारियों व प्रबंधन में तनाव बढ़ने की आशंका भी ज्यादा दिखने लगी है।