यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हिमाचल के पेंशनरों को राहत, सरकार ने 1.80 लाख लोगों को दिए पेंशन; इन लोगों को एरियर भी मिला
हिमाचल प्रदेश (Himachal News Hindi) की सुक्खू सरकार ने 1.80 लाख सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बुधवार को आखिरकार पेंशन जारी कर दी है। 75 साल की आयु पूरी क ...और पढ़ें

HighLights
- हिमाचल के पेंशनरों के लिए अच्छी खबर
- सरकार ने जारी किए 1.80 लाख पेशनरों के पेंशन
- 75 से अधिक वर्ष के पेंशनरों को मिला एरियर
राज्य ब्यूरो, शिमला। सुक्खू सरकार ने 1.80 लाख सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन जारी कर दी है। 75 साल की आयू पूरी कर चुके 30 हजार पेंशनरों को एरियर भी जारी कर दिया गया है। सेवानिवृत डाॅक्टर, इंजीनियर सहित अन्य अधिकारी वर्ग की श्रेणियों के पेंशनरों को एरियर 2 से 2.5 लाख का मिला है, जबकि अन्य श्रेणियों में 40 से 50 हजार रुपये एरियर के रूप में मासिक पेंशन के साथ बैंक खाते में आए हैं।
1 जनवरी 2016 से नए वेतनमान के लागू होने के साथ पेंशन वितरण प्रणाली में संशोधन होने पर कर्मचारियों और पेंशनरों का एरियर देय था। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने देहरा में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में 15 अगस्त को इसकी घोषणा की थी कि 75 साल से अधिक उम्र वाले पेंशनरों को शेष बचे एरियर का 50 फीसदी चुकता कर दिया जाएगा।
28 अगस्त को जारी हुआ था आदेश
वित्त विभाग ने इसके कार्यालय आदेश 28 अगस्त को जारी किए थे, लेकिन पेंशन से संबंधी औपचारिकताओं को पूरा नहीं करने से इसे एक महीने टाला गया था। पेंशनरों को पहले 55 फीसदी एरियर दिया जा चुका था।
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अब 45 फीसदी एरियर ही शेष देय है, जिसे देना होगा। 45 फीसदी का यह 50 प्रतिशत शेष 22.50 फीसदी है तो इसे देने के बाद 75 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों को 22.50 फीसदी एरियर देना ही शेष बच गया है।
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शिमला में पेंशनरों ने अनिरुद्ध सिंह को सौंपा था ज्ञापन
हिमाचल प्रदेश पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा के नेतृत्व में पेंशनरों ने पेंशन पहली तारीख को देने तथा संशोधित वेतनमान के एरियर का भुगतान शीघ्र करने को लेकर मुहिम शुरू की है। इस मुहिम के तहत पेंशनर प्रदेश के सभी मंत्रियों व विधायकों को चरणबद्ध तरीके से ज्ञापन सौंपकर अपना पक्ष रख रहे हैं।
बीते रोज भी शिमला में पेंशनरों ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह को पेंशन का भुगतान करने के संबंध में ज्ञापन सौंपा था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया था कि उनकी मांगों को यदि अनदेखा किया गया, तो आने वाले दिनों में सरकार के सभी मंत्रियों का एक के बाद एक घेराव किया जाएगा।
वेतन-पेंशन के लिए प्रतिमाह चाहिए 2 हजार करोड़
वेतन एवं पेंशन का भुगतान करने के लिए प्रदेश सरकार को हर महीने 2000 करोड़ रुपये की आवश्यकता रहती है। इसमें वेतन पर करीब 1200 करोड़ रुपये और पेंशन चुकाने के लिए 800 करोड़ रुपये का खर्च होता है।