'हिमाचल प्रदेश में 2027 से पहले हो सकते हैं चुनाव', जयराम ठाकुर का बड़ा दावा; पार्टी कार्यकर्ताओं से कर दिया आह्वान
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि राज्य में 2027 से पहले चुनाव हो सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से तैयार रहने का आह् ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर। जागरण आर्काइव
HighLights
जयराम ठाकुर ने 2027 से पहले चुनाव की संभावना जताई।
हिमाचल में राजनीतिक-प्रशासनिक हालात अव्यवस्थित बताए।
कांग्रेस सरकार पर विकास रोकने का आरोप लगाया।
जागरण संवाददाता, मनाली। हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 2027 से पहले भी चुनाव हो सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार रहने का आह्वान किया। प्रदेश में हालात ऐसे बन चुके हैं कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भी कराए जा सकते हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हालात अव्यवस्थित
मनाली में जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक और प्रशासनिक हालात पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुके हैं। सरकार प्रदेश के लिए आपदा बन गई है। मुख्यमंत्री और मंत्री एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। मंत्री आपस में उलझे हुए हैं और अब अधिकारी भी मंत्रियों के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं।
कांग्रेस सरकार का यह ड्रामा अब सड़कों पर आ गया है, जबकि ऐसे सभी मुद्दों को मुख्यमंत्री को चारदीवारी के भीतर अपने चैंबर में सुलझाना चाहिए था।
अधिकारियों को जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी
उन्होंने कहा कि आइएएस और आइपीएस एसोसिएशन को भी जल्दबाजी में बयान नहीं देना चाहिए था। अधिकारी सरकार की व्यवस्था का अहम हिस्सा होते हैं और जनता व सरकार के चुने हुए प्रतिनिधियों की सुरक्षा तथा सहयोग उनकी जिम्मेदारी है।
पुरानी योजनाओं को भी सुचारू रूप से नहीं चलाया
वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही जनकल्याणकारी योजनाएं और संस्थान बंद करने का काम किया। जयराम ने तंज कसते हुए कहा कि यह प्रदेश की पहली ऐसी सरकार है जिसने न तो कोई नई योजना शुरू की और न ही पुरानी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाया।
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10 साल पीछे चला गया प्रदेश
प्रदेश 10 साल पीछे चला गया है। कांग्रेस शासन से प्रदेश की जनता बेहद परेशान है। बीते तीन साल बिना किसी ठोस विकास कार्य के गुजर गए हैं। अब जनता भाजपा सरकार का इंतजार कर रही है ताकि प्रदेश में फिर से विकास की रफ्तार शुरू हो सके। कांग्रेस सरकार की जवानी ढल चुकी है और बुढ़ापे की दहलीज में कदम रख दिया है।