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हिमाचल ने रक्षा मंत्री से उठाया सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कांगड़ा व शिमला एयरपोर्ट विस्तार का मामला, सीमावर्ती गांवों पर भी बात

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 23 Dec 2025 05:38 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बैठक में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण कांगड़ा और शिमला हवाई ...और पढ़ें

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हिमाचल के एयरपोर्ट का मामला उठाया गया है। जागरण आर्काइव

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हिमाचल के एयरपोर्ट का मामला उठाया गया है। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. शिमला, कांगड़ा हवाई अड्डों के विस्तार का मामला उठाया

  2. सीमावर्ती गांवों के विकास पर दिया गया जोर

  3. केंद्र को भेजा 235 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव

राज्य ब्यूरो, शिमला। दिल्ली में मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिमाचल ने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शिमला व कांगड़ा हवाई अड्डों के विस्तारीकरण का मामला उठाया। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की अनुपस्थिति में सचिव आशीष सिंहमार ने प्रदेश से जुड़े मामलों को रखा। 

बताया गया कि पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित शिमला व कांगड़ा हवाई अड्डे केवल नागरिक उड्डयन के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और सामरिक जरूरतों की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण हैं। 

इन हवाई अड्डों के विस्तार से न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता और रक्षा तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार ने सीमावर्ती राज्यों की रणनीतिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समन्वय के साथ आगे बढ़ने का आश्वासन दिया।

सीमावर्ती गांवों के विकास पर जोर

बैठक में चीन सीमा से सटे किन्नौर और लाहुल स्पीति जिलों में वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत शामिल गांवों के आधारभूत ढांचागत विकास का मुद्दा भी उठाया गया। प्रदेश सरकार ने इन क्षेत्रों में सड़क, संचार, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। प्रदेश सरकार ने हाल ही में हुई पिछली बैठक में भी सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास का मुद्दा उठाया था। उस बैठक के बाद राज्य सरकार ने चीन सीमा से सटे किन्नौर और लाहुल स्पीति जिलों के गांवों के समग्र विकास के लिए 235 करोड़ रुपये का बजट प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा है। इस प्रस्ताव में सड़क नेटवर्क, संचार सुविधाएं और स्थानीय आबादी के लिए बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।

वाइब्रेंट विलेज के 703 गांव शामिल

गृह मंत्रालय ने उत्तरी सीमा से सटे चार राज्यों व एक केंद्र शासित के कुल 2967 गांवों में से हिमाचल के 703 गांव शामिल किए हैं। कल्पा के सभी 194 गांव, पूह के सभी 278 गांव तथा स्पीति के सभी 231 गांव वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत कवर किए गए हैं। कल्पा के 14, पूह के 41 और स्पीति के 20 गांवों को वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक विकास के लिए प्राथमिकता के आधार पर चुना गया है।

 

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