हिमाचल में बिजली की नई दरें तय करने की तैयारी, तीन शहरों में होगी जनसुनवाई; क्या लगेगा महंगाई का झटका?
हिमाचल प्रदेश में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य बिजली बोर्ड ने 2026-27 के लिए प्रस्तावित दरों पर ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में बिजली की नई दरें तय करने की तैयारी चल रही है।
HighLights
बिजली बोर्ड ने 2026-27 के लिए नई दरों की याचिका दायर की।
बद्दी, शिमला, धर्मशाला में अगले पखवाड़े जन सुनवाई होगी।
लागत वृद्धि के कारण बिजली दरें बढ़ने की संभावना है।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में अगले वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य बिजली बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बिजली दरों को लेकर अपनी याचिका राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष दाखिल कर दी है।
अब आयोग की ओर से उपभोक्ताओं की राय जानने के लिए अगले पखवाड़े में जन सुनवाई करेगा। यह जन सुनवाई बद्दी, शिमला और धर्मशाला में की जानी प्रस्तावित है। जन सुनवाई 17, 20 और 23 तारीख को होगी।
दलीलें व सुझाव सुनने के बाद होगा फैसला
सुनवाई में सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के साथ औद्योगिक, वाणिज्यिक और अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। आयोग सभी पक्षों की दलीलें और सुझाव सुनने के बाद ही आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बिजली की नई दरों पर अंतिम फैसला करेगा।
इसलिए होती है नई दरों की प्रस्तावना
राज्य बिजली बोर्ड ने अपनी याचिका में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण से जुड़ी लागत का हवाला देते हुए दरों में संशोधन का प्रस्ताव रखता है। बोर्ड का तर्क है कि रखरखाव खर्च, कर्मचारियों की लागत, ईंधन मूल्य और बुनियादी ढांचे के विस्तार के चलते खर्च लगातार बढ़ता है, इसलिए नई दरों की प्रस्तावना की जाती है।
सभी उपभोक्ता रख सकते हैं राय
सुनवाई के दौरान सभी वर्गों की राय सुनी जाएगी, चाहे वे घरेलू उपभोक्ता हों या उद्योग जगत से जुड़े बड़े उपभोक्ता। बद्दी में विशेष रूप से औद्योगिक उपभोक्ताओं की भागीदारी अहम मानी जा रही है, वहां प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित है। शिमला और धर्मशाला में घरेलू और छोटे व्यापारिक उपभोक्ता बड़ी संख्या में अपनी आपत्तियां और सुझाव रख सकते हैं।
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जनसुनवाई पर टिकी निगाहें
जन सुनवाई पूरी होने के बाद मार्च महीने में बिजली की नई दरों की घोषणा कर दी जाएगी। इन दरों को पहली अप्रैल से लागू किया जाना प्रस्तावित है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली दरों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा तेज होने की संभावना है। अब सबकी नजरें आगामी जन सुनवाई पर टिकी हैं, जहां से यह साफ होगा कि अगले वित्तीय वर्ष में प्रदेशवासियों को बिजली कितनी महंगी या सस्ती मिलेगी।