यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal News: सरकारी ही नहीं अब प्राइवेट बसों में भी होगा टिकटिंग मशीनों का उपयोग, परिवहन विभाग ने जारी किए निर्देश
Himachal Pradesh News हिमाचल प्रदेश में अब निजी बसों में भी यात्रियों को डिजिटल टिकट मिलेगा। राज्य परिवहन विभाग ने इस संबंध में जरूरी निर्देश जारी किए ...और पढ़ें

HighLights
- सरकारी बसों की तर्ज पर प्राइवेट बसों में भी होगी डिजिटल मशीन
- राज्य परिवहन विभाग की ओर से जारी हुए दिशा-निर्देश
- इसका उद्देश्य कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है
राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh News: प्रदेश में पथ परिवहन निगम की बसों के बाद अब निजी बसों में भी इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीन (इटीएम) का उपयोग होगा। इस संबंध में राज्य परिवहन विभाग ने जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। अब सवारियों को निजी बसों में एक तरह से डिजिटल टिकट प्राप्त होगा।
2 दिसंबर को निजी स्टेज कैरिज बस ऑपरेटरों के साथ बैठक हुई थी, जिसमें निजी बस ऑपरेटरों के अध्यक्ष ने राज्य पथ परिवहन निगम की बसों की तर्ज पर निजी बसों में इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनों के उपयोग के लिए आवश्यक सलाह/दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था।
इसका उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशल किराया संग्रह सुनिश्चित करना, कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और यात्री अनुभव को बेहतर बनाना है।
इस संबंध में 9 तरह के निर्देश जारी किए गए हैं
अब परिवहन विभाग ने राज्य में सभी स्टेज कैरिज बसों में इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनों (ईटीएम) की स्थापना और उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए 9 तरह के निर्देश जारी किए हैं।
निदेशक परिवहन विभाग डीसी नेगी ने सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को कहा है कि स्टेज कैरिज बसों में इलेक्ट्रानिक टिकटिंग मशीनों की खरीद और स्थापना के लिए निजी बस आपरेटरों को प्रोत्साहित करें।
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परिवहन विभाग ने दिए ये निर्देश
- सभी स्टेज कैरिज बस आपरेटर अपने वाहनों में (निर्दिष्ट समय सीमा, उदाहरण के लिए, 2 महीने) के भीतर इटीएम स्थापित करने और सक्रिय करने पर विचार करेंगे।
- इटीएम को मौजूदा किराया संग्रहण प्रणाली के साथ एकीकृत किया जा सकता है और निर्धारित तकनीकी विशिष्टताओं का अनुपालन किया जा सकता है।
- ऑपरेटर निर्बाध लेनदेन प्रसंस्करण, सटीक किराया गणना और इलेक्ट्रानिक टिकट जारी करना सुनिश्चित करेंगे।
- यात्रियों को एसएमएस, ईमेल या मोबाइल एप के माध्यम से इलेक्ट्रानिक टिकट प्राप्त होने चाहिए।
- आपरेटरों को निरीक्षण उद्देश्यों के लिए लेन-देन, किराया संग्रह और टिकट बिक्री का रिकार्ड रखना होगा।
- अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जा सकता है।7. इटीएम जीपीएस सक्षम और इंटरनेट से जुड़े होने चाहिए।
- मशीनों को कई भुगतान मोड (जैसे, कैशलेस, कार्ड, मोबाइल वॉलेट) का समर्थन करना चाहिए।
- इटीएम को किराया विवरण, मार्ग की जानकारी और लेनदेन इतिहास प्रदर्शित करना होगा।
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