हिमाचल में आपदा से 1000 सड़कें बंद, PWD मंत्री ने अधिकारियों और ठेकेदारों को दी चेतावनी, PM का किया धन्यवाद
Himachal Pradesh Disaster हिमाचल प्रदेश में आपदा के चलते बंद सड़कों पर लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने लापर ...और पढ़ें

HighLights
- लापरवाही पर ठेकेदारों के लाइसेंस रद्द |
- 1000 से अधिक सड़कें अभी भी बाधित |
- पीएम मोदी को 1500 करोड़ के लिए धन्यवाद |
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में आपदा के बीच बंद सड़कों पर लोक निर्माण विभाग मंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों का लाइसेंस रद होगा। साथ ही अधिकारी भी चार्जशीट किए जाएंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने ठेकेदारों और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सड़क निर्माण के दौरान निकले मलबे को चयनित जगह पर ही डंप करें। जो ऐसा नहीं करेगा, उनके खिलाफ कड़ी करवाई की जाएगी।
दोषी ठेकेदारों का लाइसेंस रद किया जाएगा, जबकि अधिकारियों को चार्जशीट किया जाएगा। क्योंकि इसी सड़क निर्माण के दौरान निकला इसी तरह का मलबा वर्षा के पानी के साथ मिलकर तबाही मचा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाधित सड़कों को खोलने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है। प्रदेश में अभी भी एक हजार से अधिक सड़कों पर यातायात बाधित पड़ा हुआ है।
बाधित सड़कों पर यातायात बहाल करने के लिए मशीनरी लगाई हुई है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उन सड़कों को खोलने की है जिन सड़कों के बड़े हिस्से बह गए हैं। ऐसी सड़कों के लिए आगे से मजबूत दीवारों को लगाने की जरूरत है।
सेब बहुल क्षेत्र में 20 किलोमीटर क्षेत्र में एसडीओ तैनात
सचिवालय में मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि सेब बहुल इलाकों में कई जगह सड़कें बंद हैं। प्राकृतिक आपदा से बाधित सड़कों को खोलने के लिए 20 किलोमीटर की दूरी के बीच एसडीओ व जेई तैनात किए गए हैं, ताकि सेब बागवानों को सेब मंडियों तक पहुंचाने में परेशानी न आए।
नदी-नालों से 100 मीटर दूर ही होगा निर्माण
धर्मपुर बस अड्डे के बह जाने पर उन्होंने बताया कि सरकार ने ये निर्णय लिया है कि भविष्य में नदी-नालों के 100 मीटर के दायरे में सरकारी कार्यालय व निजी भवन निर्माण नहीं होगा।
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एनएचएआई के अधिकारियों से की बैठक
इससे पहले सचिवालय में एनएचएआई के अधिकारियों व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक में उन्होेंने एनएचएआई अधिकारियों को बाधित एनएच और फोरलेन को वाहनों के चलने योग्य करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि एनएचएआई ध्वस्त सड़कों को शीघ्रता से ठीक करे।
पीएम मोदी का धन्यवाद किया
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल की मदद तो कर रही है, लेकिन आपदा में हुए नुकसान के हिसाब से ये नाकाफी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल दौरे के दौरान 1500 करोड़ देने का ऐलान किया है, उसके लिए उनका धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं। लेकिन जिस तरह की आपदा प्रदेश में आई है और उससे जो नुकसान हुआ है, उसको देखते हुए प्रदेश को बड़ी मदद की दरकार है, ताकि राहत पुनर्वास कार्यों में तेजी लाई जा सके।