हिमाचल में सड़क हादसों की वजह पता लगाएंगे अधिकारी, हर माह होगी कारणों की समीक्षा; चौंका रहा एक्सीडेंट का आंकड़ा
हिमाचल प्रदेश में 2023 की तुलना में 2024 में सड़क हादसों में लगभग 10% की कमी आई है, जिससे 789 मौतें और 3030 घायल हुए। अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) की ...और पढ़ें

HighLights
2024 में सड़क हादसों में 10% की कमी आई।
"रन-ऑफ-रोड" हादसों की वृद्धि पर विशेष ध्यान।
घायलों की मदद पर ₹25,000 प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले साल 1920 सड़क हादसे हुए। इनमें 789 लोगों की जान गई और 3030 घायल हुए। हालांकि वर्ष 2024 की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में लगभग 10 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं हादसों में मरने वालों की संख्या में भी नौ प्रतिशत व घायलों में लगभग छह प्रतिशत की कमी आई है।
यह जानकारी शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (परिवहन) आरडी नजीम की अध्यक्षता में उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों व हितधारक विभागों के साथ सड़क सुरक्षा पर बैठक के दौरान पेश आंकड़ों में सामने आई। डीसी व एसपी ने महीनावार हादसों का ब्योरा रखा।
हर माह हादसों के कारण की समीक्षा होगी
नजीम ने निर्देश दिए कि हर माह होने वाले हादसों के कारणों की समीक्षा करें और इन्हें कम करने के लिए उचित कदम उठाएं। बैठक में निदेशक परिवहन नीरज कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक (टीटीआर) गुरदेव शर्मा व अतिरिक्त आयुक्त सड़क सुरक्षा, एसडी नेगी सहित सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सड़क से नीचे गिरने के हादसों में वृद्धि
वर्ष 2024 में हुई सड़क दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की गई। विभाग के अनुसार 2024 में गाड़ियों के सड़क से नीचे गिरने के (रन आफ रोड) के 317 मामले सामने आए, जिनमें 226 लोगों की मौत व 495 जख्मी हुए। वहीं 2024 में 2023 की तुलना में सड़क से नीचे गिरने के कारण हुए हादसों में चार प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसे में जान गंवाने वालों की संख्या में 14.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हर जिले में चिह्नित होंगे पांच रन आफ रोड स्थल
नजीम ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अपने जिले में पांच-पांच ऐसे स्थान चिह्नित करें जहां पर रन आफ रोड के हादसे अधिक हुए हों। उचित इंजीनियरिंग विधि से इसका समाधान करें। कहा गया कि सभी जिलों में सड़क सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलेगा। ऐसे चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी जो शराब पीकर या मादक पदार्थों का सेवन कर वाहन चला रहे हों, गलत दिशा या तय गति सीमा से अधिक गति से वाहन चला रहे हों। साथ ही जिनका सामान वाहन से बाहर लटका हो या तय अधिक सवारियां बिठा रखी हों, उन पर भी कार्रवाई होगी।
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घायलों की मदद करने वाले को 25 हजार की प्रोत्साहन राशि
आरडी नजीम ने कहा कि इस अभियान के दौरान की कार्रवाई की समीक्षा बैठक 15 फरवरी को होगी। सड़क दुर्घटना के दौरान घायलों की मदद करने वाले व्यक्ति को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। टक्कर मारने के कारण सड़क दुर्घटनाओं में घायल पीड़ितों को 50 हजार और मृत्यु होने पर स्वजन को दो लाख रुपये की राशि दी जा रही है। उन्होंने उपायुक्तों से कहा प्रतिमाह होने वाली जिला सड़क सुरक्षा समिति बैठक के दौरान इन योजनाओं की निरंतर समीक्षा की जाए।
उन्होंने प्रदेश में शुरू होने वाली कैशलेस ट्रीटमेंट योजना की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए सात दिन तक अस्पताल में नि:शुल्क उपचार और 1.50 लाख रुपये की सहायता मिलेगी।