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    हिमाचल प्रदेश में सेब बेल्ट की दो सड़कें होंगी अपग्रेड, CRIF के तहत 239.45 करोड़ रुपये मंजूर

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 29 Jul 2026 01:19 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश को 239.45 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। यह राशि छैला-नेरिपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी और टिक्कर-जरोल-खमाड़ी सड़कों के उन्नयन पर खर्च ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश की सड़कों के लिए केंद्र से बजट मंजूर हुआ है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश की सड़कों के लिए केंद्र से बजट मंजूर हुआ है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. हिमाचल को CRIF से ₹239.45 करोड़ की सौगात।

    2. दो प्रमुख सड़कों का होगा उन्नयन, कनेक्टिविटी सुधरेगी।

    3. सेब उत्पादक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ।

    जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि (CRIF) 2026-27 के तहत बड़ी सौगात मिली है। भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने प्रदेश की दो महत्वपूर्ण सड़क उन्नयन परियोजनाओं के लिए ₹239.45 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से छैला-नेरिपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी सड़क और टिक्कर-जरोल-खमाड़ी सड़क के शेष 16 किलोमीटर हिस्से का उन्नयन किया जाएगा।

    लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने इसे प्रदेश सरकार और लोक निर्माण विभाग के लगातार प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को भारत सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के समक्ष लगातार प्रभावी ढंग से उठाया गया, जिसके सकारात्मक परिणामस्वरूप यह स्वीकृति मिली है।

    किस सड़क के लिए कितना बजट

    स्वीकृत परियोजनाओं में छैला-नेरिपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी सड़क के उन्नयन के लिए 203.52 करोड़ तथा टिक्कर-जरोल-खमाड़ी सड़क के शेष 16 किलोमीटर हिस्से के उन्नयन के लिए 35.93 करोड़ मंजूर किए गए हैं।

    बागवानों को बेहतर सुविधा मिलेगी

    मंत्री ने कहा कि टिक्कर-जरोल-खमाड़ी सड़क का शेष हिस्सा स्वीकृत होने से पूरा सड़क मार्ग विकसित हो सकेगा, जिससे विशेष रूप से रामपुर विधानसभा क्षेत्र के किसानों और बागवानों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    सेब उत्पादक क्षेत्र की जीवनरेखा

    वहीं, छैला-नेरिपुल-यशवंत नगर-कुमारहट्टी सड़क ठियोग, कोटखाई, जुब्बल, रोहड़ू और चौपाल जैसे प्रमुख सेब उत्पादक क्षेत्रों की जीवनरेखा है। इसके उन्नयन से सेब और अन्य बागवानी उत्पादों का परिवहन तेज, सुरक्षित और कम लागत वाला होगा, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    जल्द शुरू होगा काम

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य जल्द शुरू करेगी, ताकि तय समय में परियोजनाएं पूरी कर लोगों को उनका लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विकास और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार के साथ सकारात्मक समन्वय बनाए रखेगी।

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