हिमाचल में SMC द्वारा नियुक्त शिक्षक स्कूल कर्मचारी नहीं, शिक्षा विभाग ने क्यों जारी किया सर्कुलर?
हिमाचल प्रदेश सरकार ने एसएमसी शिक्षकों की स्थिति पर एक सर्कुलर जारी किया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि एसएमसी के माध्यम से नियुक्त शिक्षक सरकारी कर् ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश सरकार ने एसएमसी शिक्षकों को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
एसएमसी शिक्षक सरकारी विद्यालय के कर्मचारी नहीं माने जाएंगे।
नियुक्ति की जिम्मेदारी स्थानीय एसएमसी और प्रधानाचार्य की होगी।
5% एलडीआर कोटे के तहत शिक्षकों को समाहित करने की योजना।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से कार्यरत शिक्षकों के अनुभव प्रमाणपत्र और उनकी स्थिति को लेकर एक सर्कुलर जारी किया है। शिक्षा विभाग के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति स्थानीय स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा की गई है, वे संबंधित सरकारी विद्यालय के कर्मचारी नहीं माने जाएंगे।
इन शिक्षकों की नियुक्ति पूरी तरह से स्कूल प्रबंधन समिति के स्तर पर होती है और इसकी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापक या हेड टीचर की होती है।
शिक्षा विभाग के पत्र में क्या
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि एसएमसी शिक्षकों को अनुभव प्रमाणपत्र देने का विषय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में चल रहे मामले के संदर्भ में विचाराधीन है। सरकार ने पहले ही 15 दिसंबर, 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट किया था कि एसएमसी के माध्यम से नियुक्त शिक्षक शिक्षा विभाग के नियमित कर्मचारी नहीं हैं।
क्या कहते हैं विभागीय नियम
विभागीय नियमों के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया केवल उन एसएमसी शिक्षकों पर लागू होगी जो शिक्षा विभाग की निर्धारित एसएमसी नीति के तहत कार्यरत हैं। स्थानीय एसएमसी द्वारा की गई अन्य नियुक्तियों की जिम्मेदारी विभाग की नहीं होगी।
कोटे के तहत विभाग में समाहित करने की योजना
सरकार एसएमसी के तहत नियुक्त शिक्षकों को पांच प्रतिशत एलडीआर कोटे के तहत विभाग में समाहित करने की योजना बना रही है। शिक्षकों की ओर से इस संबंध में अनुभव प्रमाणपत्र मांगे जा रहे हैं, और विभाग ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया है।