विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खुशखबरी! हिमाचल में SMC शिक्षकों के परमानेंट होने का रास्ता साफ, 5 फीसदी LDR कोटे को मिली मंजूरी

Updated: Thu, 12 Dec 2024 06:59 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश (Himachal News) सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत तैनात शिक्षकों को नियमित करने का रास्ता साफ कर ...और पढ़ें

हिमाचल के सरकारी स्कूलों में एसएमसी नियमितिकरण के लिए 5% एलडीआर कोटे को मिली मंजूरी। प्रतिकात्मक तस्वीर
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में एसएमसी नियमितिकरण के लिए 5% एलडीआर कोटे को मिली मंजूरी। प्रतिकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. हिमाचल प्रदेश एसएमसी शिक्षकों के लिए खुशखबरी
  2. एसएमसी शिक्षकों को नियमित करने का रास्ता साफ
  3. सरकार ने भर्ती में 5 प्रतिशत एलडीआर कोटे दी मंजूरी

राज्य ब्यूरो, शिमला। राज्य के सरकारी स्कूलों में स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के तहत तैनात शिक्षकों को नियमित करने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार ने एसएमसी के तहत लगे शिक्षकों को नियमित करने के लिए 5 प्रतिशत एलडीआर (सीमित सीधी भर्ती) कोटा तय किया गया है।

सीएम सुक्खू ने की बैठक की अध्यक्षता

जेबीटी, टीजीटी, सीएंडवी व पीईटी के लिए यह कोटा पहले से था, लेकिन प्रवक्ता व डीपीई (शारीरिक शिक्षक) के लिए यह कोटा नहीं था। वीरवार को आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक ने इन दोनों श्रेणियों के लिए भी यह कोटा देने की मंजूरी दे दी है।

बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने की। पिछले काफी समय से यह प्रक्रिया चली हुई थी। पहले भी कैबिनेट में यह मामला आया था। इसे विधि विभाग से राय मांगी गई थी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल में सरकार के 2 साल पूरे होने पर CM सुक्खू ने लांच की 6 परियोजनाएं, युवाओं और किसानों पर फोकस

2500 शिक्षकों को बड़ी राहत

बता दें कि राज्य के सरकारी स्कूलों में 2500 के करीब एसएमसी शिक्षक है। पिछले करीब पंद्रह से 20 सालों से ये विभाग में कार्यरत है। 5 प्रतिशत एलडीआर कोटा तय होने के बाद भी इन शिक्षकों को कर्मचारी चयन आयोग और लोक सेवा आयोग के माध्यम से परीक्षा देनी पड़ेगी। परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद इनकी नए सिरे से नियुक्तियां होगी।

पूर्व धूमल सरकार में शुरू हुई थी भर्ती

पूर्व में भाजपा सरकार के समय हार्ड व जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए एसएमसी आधार पर शिक्षकों को रखने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने भी इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।

इसके लिए बने नियमों में बदलाव किया गया और जिन स्कूलों में 1 साल व इससे ज्यादा समय से पद खाली पड़े थे, वहां पर भी एसएमसी के तहत ही शिक्षकों की नियुक्तियां की। शिक्षक पिछले काफी समय से नियमितिकरण की मांग उठा रहे थे।

बता दें कि बीते 11 दिसंबर को हिमाचल की सुक्खू सरकार ने अपने कार्यकाल के दो वर्ष पूरे कर लिए। इस दौरान बिलासपुर में एक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। जहां सीएम सुक्खू ने अपने दो वर्ष के कार्यक्रल के दौरान हुए विकास कार्यों के बारे में बताया और आगामी तीन वर्षों के लिए रोडमैप भी साझा किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने इस कहा कि हिमाचल प्रदेश साल 2027 तक आत्मनिर्भर बन जाएगा। 

यह भी पढ़ें- '2027 में आत्मनिर्भर बनेगा हिमाचल', सरकार के 2 वर्ष पूरे होने पर CM सुक्खू का एलान