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    Himachal Vidhan Sabha: मानसून सत्र के अंतिम दिन क्यों हुआ सदन में हंगामा, देहरा के सवाल का क्यों नहीं मिला जवाब?

    Updated: Tue, 02 Sep 2025 06:51 PM (IST)

    Himachal Pradesh Vidhan Sabha हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में देहरा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं को धनराशि वितरण के मुद्दे पर विपक्ष ने हंगा ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा से बाहर आते विपक्षी विधायक।
    हिमाचल प्रदेश विधानसभा से बाहर आते विपक्षी विधायक।

    HighLights

    1. देहरा में निधि वितरण पर विधानसभा में हंगामा |
    2. विपक्ष का सवाल, सरकार का जवाब नहीं |
    3. मुख्यमंत्री ने विपक्ष के व्यवहार की निंदा की |

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Vidhan Sabha, हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच तकरार हुई। विपक्षी सदस्य आशीष शर्मा के प्रश्न का उत्तर न मिलने पर तकरार हो गई। विपक्षी सदस्य विरोध स्वरूप सदन से उठकर बाहर चले गए। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद सदन में वापिस लौटे।

    विधायक आशीष शर्मा ने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा देहरा विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं को 1 जून से 10 जुलाई, 2024 के बीच बांटी गई धनराशि के बारे में प्रश्न पूछा था। इस पर सूचना एकत्रित की जा रही है उत्तर आया। विपक्ष ने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि जानकारी जानबूझकर छिपाई जा रही है।

    जयराम बोले, विधायक ने आरटीआइ से ले ली जानकारी, सरकार को नहीं मिली

    नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है कि प्रश्न कार्यसूची में सूचीबद्ध है, लेकिन उसे अचानक हटा दिया गया है। बीते रोज भी आश्वासन दिया गया था। अब फिर से कहा गया है कि जानकारी अभी भी एकत्र की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह विडंबना ही है कि आशीष शर्मा ने आरटीआई के तहत सूचना लेने के बाद जानकारी प्रदान की है, लेकिन राज्य सरकार अभी भी जानकारी एकत्र कर रही है।

    नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह पहली बार है कि सरकार से प्रश्न पूछने वाला विधायक प्रश्न की जानकारी प्रदान कर रहा है। इसलिए उन्हें अनुपूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दी जानी चाहिए।

    अनुपूरक प्रश्न पूछना मौलिक अधिकार नहीं : अध्यक्ष

    विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने कहा है जानकारी एकत्रित की जा रही है, इसलिए नियमों के तहत उन्होंने प्रश्न स्थगित किया था। उन्होंने कहा कि चूंकि आपने जार दिया था, इसलिए उन्होंने प्रश्न आज के लिए सूचीबद्ध किया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि अनुपूरक प्रश्न पूछना किसी सदस्य का मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन अगर अध्यक्ष को लगता है तो वह अनुमति दे सकते हैं या मना कर सकते हैं।

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    सीएम सुक्खू ने की व्यवहार की निंदा

    विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने विपक्ष को शांत करने का प्रयास करते हुए कहा कि यदि सदस्य अभी भी संतुष्ट नहीं हैं, तो वह नियम-61 के तहत यह मुद्दा उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज सत्र का अंतिम दिन है, इसलिए हम सभी को सौहार्दपूर्वक सदन से विदा लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने विपक्ष के व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रही है और उनके विरोध का कोई औचित्य नहीं है।

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