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    Himachal: हिमकेयर योजना पर विधानसभा में क्यों हुआ हंगामा, CM के हस्तक्षेप के बाद बिफरा विपक्ष, मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए सदस्य

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 01:51 PM (GMT+05:30)

    Himachal Pradesh Vidhan Sabha हिमाचल प्रदेश विधानसभा में हिमकेयर योजना को लेकर भारी हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से असंतुष् ...और पढ़ें

    शिमला में विधानसभा से वाकआउट के बाद मीडिया से बात करते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर।
    शिमला में विधानसभा से वाकआउट के बाद मीडिया से बात करते नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Vidhan Sabha, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को सदन में हिमकेयर योजना के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान सदन में हिमकेयर योजना के सवाल को लेकर विपक्षी सदस्यों ने सदन में भारी शोरगुल किया और फिर स्वास्थ्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होने व सीएम के हस्तक्षेप के बाद विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए।

    इससे पहले, प्रश्नकाल के दौरान भाजपा सदस्य विनोद कुमार ने सवाल पूछा था कि क्या हिमकेयर योजना चलाई जा रही है या फिर बंद कर दी गई है और मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में हिमकेयर के कार्डधारकों को वह सुविधा नहीं मिल रही है, जो उन्हें मिलनी चाहिए। 

    इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने कहा कि प्रदेश में हिमकेयर योजना बंद नहीं की गई है और यह अभी भी चल रही है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना का 364.20 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी बाकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में डायलिसिस के लिए 25 निजी स्वास्थ्य संस्थानों को पंजीकृत किया है। उन्होंने कहा कि हिमकेयर को निजी अस्पतालों में इसलिए बंद किया गया था, क्योंकि वहां से कई अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। 

    भाजपा सदस्य विनोद कुमार ने मंत्री के जवाब से असंतुष्टि जताते हुए कहा कि आईजीएमसी, टांडा, नेरचौक, चंबा मेडिकल कॉलेज और एम्स बिलासपुर में हिमकेयर के तहत फ्री इलाज नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि कार्डियोलॉजी के मरीज को हिमकेयर के तहत इलाज नहीं मिल रहा है।

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    रणधीर शर्मा बोले, डायलिसिस के लिए पंजीकरण के क्या मानक

    वहीं, विधायक रणधीर शर्मा ने पूछा कि जिन 25 निजी अस्पतालों को डायलिसिस के लिए पंजीकृत किया गया है, उनके पंजीकरण के मानक क्या थे। उन्होंने पूछा कि हिमकेयर की लंबित देनदारियों को कब तक अदा कर दिया जाएगा। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हिमकेयर की सभी देनदारियां चरणबद्ध तरीके से दी जाएगी। 

    मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद नारेबाजी

    इसी बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जवाब में हस्तक्षेप को उठे, लेकिन विपक्षी सदस्य मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और वे अपनी सीटों से उठे और फिर नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए। 

    विपक्ष केवल सनसनी फैलाने का प्रयास कर रहा : सीएम

    विपक्ष की गैरमौजूदगी में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा की आपसी गुटबाजी काफी देर से शुरू हो गई थी और वे जवाब नहीं सुनना चाह रहे थे। उन्होंने कहा कि हिमकेयर अच्छी योजना थी और यह लोगों की केयर के लिए थी, लेकिन इसका फायदा निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों ने उठाया। उन्होंने कहा कि अब उनकी सरकार इसमें सुधार कर रही है और इस योजना पर अभी तक 550 करोड़ रुपये खर्च किया जा चुका है, लेकिन विपक्ष केवल सनसनी फैलाने का प्रयास कर रहा है।

    नेरचौक में बिना एमआरआई मशीन के हिमकेयर में बनते रहे बिल

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसकी भी मैपिंग करवा रही है कि इसका लाभ किसको ज्य़ादा मिला है। उन्होंने यहां तक कहा कि पूर्व सरकार ने नेरचौक में एमआरआई की मशीन नहीं लगाई और बाहर निजी अस्पतालों में एमआरआई होता रहा और हिमकेयर में उसके बिल बनते रहे।

    पूर्व सरकार के घोटलों को परत दर परत निकालेंगे

    सीएम ने कहा कि हिमकेयर योजना के तहत किसी का भी इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के घोटालों को परत-दर-परत निकालेंगे और सामने लाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमकेयर के घोटाले उजागर न हो, इसलिए विपक्षी सदस्य सदन से बाहर गए।

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