यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Mausam: हिमाचल में आज लू चलने की चेतावनी, अगले तीन दिन बारिश की संभावना; पढ़ें मौसम का हाल
Himachal Pradesh Weather Update Today हिमाचल प्रदेश में गर्मी का सितम जारी है। सोमवार को धर्मशाला भुंतर और सुंदरनगर में लू चली। धर्मशाला में अधिकतम ता ...और पढ़ें

HighLights
- अप्रैल 2022 में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था धर्मशाला का तापमान
- आज हिमाचल के कांगड़ा, मंडी व कुल्लू में लू चलने की चेतावनी
राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh Weather News: प्रदेश में सोमवार को धर्मशाला, भुंतर व सुंदरनगर में लू चली। धर्मशाला में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 31 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। 2022 में अप्रैल में 36 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था।
प्रदेश में 14 स्थानों पर अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार जबकि कांगड़ा और ऊना में 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। सबसे अधिक तापमान ऊना में 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री अधिक है। प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से छह से सात डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है।
इन जिलों में लू चलने की चेतावनी
सोमवार को शिमला में भी गर्म हवाएं चलीं और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है जो ऊना और अन्य मैदानी क्षेत्रों से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। शिमला में रातें गर्म हैं।
मौसम विभाग ने मंगलवार को कांगड़ा, मंडी व कुल्लू में लू चलने की चेतावनी जारी की है। नौ, 10 व 11 अप्रैल को प्रदेश में कुछ क्षेत्रों में 40 किलोमीटर की गति से हवा के साथ बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है।
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कहां कितना रहा तापमान
| स्थान | न्यूनतम | अधिकतम |
| शिमला | 15.0 | 26.0 |
| सुंदरनगर | 13.4 | 34.3 |
| भुंतर | 10.0 | 33.2 |
| कल्पा | 7.4 | 22.7 |
| धर्मशाला | 15.9 | 31.0 |
| ऊना | 12.0 | 36.8 |
| नाहन | 17.1 | 33.9 |
| केलंग | 0.5 | 17.8 |
| सोलन | 11.4 | 31.5 |
(तापमान डिग्री सेल्सियस में)
क्यों पड़ रही है इतनी गर्मी
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि अप्रैल में ही इस साल इतनी अधिक गर्मी पड़ने की वजह जलवायु परिवर्तन एवं ग्लोबल वार्मिंग का असर तो है ही, पश्चिमी विक्षोभ का अभाव भी है।
मार्च में 90 प्रतिशत तक कम वर्षा दर्ज हुई तो अप्रैल में अभी तक एक बूंद भी नहीं बरसी है। इस पर भी हवा की दिशा अब दक्षिणी पूर्वी हो गई है। राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवा और ज्यादा गर्मी बढ़ा रही है।