हिमाचल प्रदेश रेरा का फैसला: फ्लैट कब्जे में देरी पर कंपनी पर लगाया तीन लाख रुपये का जुर्माना
हिमाचल प्रदेश रेरा ने ओमैक्स प्रोजेक्ट को फ्लैट के कब्जे में देरी के लिए ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। कंपनी को जमा राशि पर 10.80% ब्याज और तीन ...और पढ़ें

फ्लैट कब्जे में देरी पर रेरा ने कंपनी को जुर्माना किया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
रेरा ने ओमैक्स प्रोजेक्ट पर तीन लाख जुर्माना लगाया।
फ्लैट कब्जे में देरी पर ग्राहक को मिली राहत।
जमा राशि पर 10.80% वार्षिक ब्याज का आदेश।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने ओमैक्स प्रोजेक्ट से जुड़े एक मामले में फ्लैट खरीदार के पक्ष में निर्णय सुनाया है। कंपनी को देरी से कब्जा देने के मामले में 10.80 प्रतिशत ब्याज भुगतान और तीन लाख रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है।
शिकायतकर्ता गौरव कुमार राय ने बद्दी स्थित ओमैक्स प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक किया था। समझौते के अनुसार, 31 जुलाई, 2022 तक कब्जा दिया जाना था, लेकिन निर्माण में देरी के कारण यह संभव नहीं हो सका।
रेरा में दायर की याचिका
शिकायतकर्ता ने रेरा में याचिका दायर कर देरी पर ब्याज और कब्जा दिलाने की मांग की थी। आदेश में कहा गया कि खरीदार ने परियोजना से हटने की बजाय कब्जा लेने की इच्छा जताई है, इसलिए उसे देरी की अवधि के लिए ब्याज मिलना चाहिए।
60 दिन में राशि देने का निर्देश
रेरा ने निर्देश दिया कि बिल्डर शिकायतकर्ता को जमा राशि 12,42,800 रुपये पर 10.80 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से भुगतान करेगा। यह ब्याज 31 जुलाई 2022 से लेकर कब्जा देने तक हर महीने के विलंब के लिए देय होगा। जुर्माना राशि 60 दिन के भीतर जमा कराने के निर्देश हैं।